जामताड़ा:
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम 2026 के तहत जामताड़ा जिले (Jamtara District) के नारायणपुर अंचल में फर्जी दस्तावेजों के जरिए मतदाता सूची में हेरफेर करने की गंभीर साजिश उजागर हुई है। सुनवाई के दौरान 03 फर्जी जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र का मामला संज्ञान में आते ही जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आलोक कुमार (DC Alok Kumar) ने इस पर कड़ा रुख अपनाया। उपायुक्त के सख्त निर्देश के बाद सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी (CO) नारायणपुर द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित VLE (ग्राम स्तर उद्यमी) और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है।

3 आवेदनों के सत्यापन में खुला राज
नारायणपुर के अंचल अधिकारी देवराज गुप्ता ने बताया कि SIR कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के निवासी सिद्दीक मियां, मजीदन बीवी और शमीम शेख द्वारा समर्पित जाति व निवास प्रमाण पत्र जमा किए गए थे। विभागीय सत्यापन के दौरान प्रथम दृष्टया ये प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। इसके बाद अंचल कार्यालय द्वारा नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया। सुनवाई के क्रम में 2 आवेदकों ने CO के समक्ष उपस्थित होकर लिखित रूप से जानकारी दी कि उनके आवेदनों के आधार पर VLE हसन शेख द्वारा ये फर्जी जाति और आवासीय प्रमाण पत्र तैयार कर उपलब्ध कराए गए थे। वहीं, तीसरे आवेदक शमीम शेख ने अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया।
VLE हसन शेख और शमीम शेख पर केस दर्ज
मामले की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उनका उपयोग करने के आरोप में VLE हसन शेख और शमीम शेख के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। नारायणपुर थाना में कांड संख्या 169/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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प्रज्ञा केंद्रों का लाइसेंस होगा करने की चेतावनी
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आलोक कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसे पारदर्शी और महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता, फर्जी दस्तावेज या गलत प्रमाण पत्रों का उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने जिले के सभी प्रज्ञा केंद्र (CSC) संचालकों को कड़ी चेतावनी दी कि यदि गलत तरीके से या फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का कोई भी मामला सामने आता है, तो संबंधित संचालक का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई होगी।
साथ ही, उन्होंने आम मतदाताओं से अपील की कि वे प्रक्रिया के दौरान केवल वैध व प्रामाणिक दस्तावेज ही प्रस्तुत करें।