गढ़वा:
झारखंड के गढ़वा में पिछले 48 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। सरस्वती नदी उफान पर है और बाढ़ में एक बुजुर्ग महिला के बह जाने की सूचना है। मौसम विभाग ने जिले में 3 सितंबर तक बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है और जिला प्रशासन ने एहतियातन 2 दिन तक सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है। कोयल, सोन और कनहर नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके मद्देनजर तटीय इलाकों में पुलिस और प्रशासन की चौकसी बढ़ा दी गई है। यूपी के ओबरा स्थित रिहंद डैम का चौथा फाटक भी खोल दिया गया, जिससे सोन नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। गढ़वा के उपायुक्त ने आज अधिकारियों संग बाढ़ संभावित इलाकों का निरीक्षण किया औरर स्थिति का जायजा लिया।

सोन नदी का जलस्तर बढ़ा तो यहां आएगी बाढ़
उत्तर प्रदेश के ओबरा स्थित रिहंद बांध का चौथा फाटक खोले जाने के बाद सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए केतार, भवनाथपुर और खरौंधी प्रखंड में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संबंधित प्रखंडों के बीडीओ और थाना प्रभारियों ने बुधवार को सोन नदी से सटे विभिन्न गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को सतर्क किया। अधिकारियों ने परती, छाताकुंड, पाचाडुमर, खैरवा, कधवन और लोहरगाड़ा सहित सोन नदी के तटीय इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों को सोन नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर सचेत किया गया और नदी के किनारे नहीं जाने की सख्त हिदायत दी गई।
लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मछली पकड़ने, नहाने या किसी अन्य काम से नदी में न जाएं और बच्चों को भी नदी की ओर जाने से रोकें। वहीं, गढ़वा डीसी पीएन मिश्रा ने जिले के अधिकारियों के साथ मझिआंव और कांडी इलाके का दौरा कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोयल और सोन नदी के आसपास के इलाकों का जायजा लेते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया। डीसी ने कहा कि रिहंद बांध का चौथा फाटक खोले जाने के बाद सोन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्थानीय गोताखोरों को अलर्ट मोड पर रखा गया
डीसी ने जिले के सभी बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारियों को स्थानीय गोताखोरों को अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। वहीं, कुछ किसानों ने फसल बर्बाद होने को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी नाराजगी जताई। इस पर डीसी ने संबंधित अंचल अधिकारी को मौके की जांच कर जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया है।ग्रामीणों ने नदी के किनारे पक्के तटबंध के निर्माण का सुझाव भी दिया है। जिला प्रशासन ने कहा है कि बरसात के बाद इस प्रस्ताव पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।