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कैबिनेट : मिट्टी मोरम के रॉयल्टी चालान की पूर्व की व्यवस्था बहाल होगी

मिट्टी मोरम के रॉयल्टी चालान की पूर्व की व्यवस्था बहाल होगी

द फॉलोअप डेस्क, रांचीः

Jharkhand Cabinet News: राज्य में लघु खनिजों (मिट्टी, मोरम और बालू भी) के रॉयल्टी के चालान संबंधी समस्या को हल करने के लिए सरकार पूर्व की व्यवस्था को बहाल कर सकती है। इस आशय के खान एवं भूतत्व विभाग के प्रस्ताव पर गुरुवार को कैबिनेट की स्वीकृति मिल सकती है। मालूम हो कि सरकार ने 23 अप्रैल 2026 को झारखंड लघु खनिज समुदान नियमावली की धारा 55 को विलोपित कर दिया था।  इस धारा के तहत पहले सरकार के विकास कार्यों में इस्तेमाल होने वाले लघु खनिजों (मिट्टी, मोरम, बालू) की रॉयल्टी जमा करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनायी गयी थी। यदि कोई संवेदक अपने रनिंग एकाउंट बिल के साथ रॉयल्टी बिल जमा नहीं करता था तो दंड स्वरूप रॉयल्टी राशि  जमा कर किए गए कार्य का भुगतान प्राप्त कर लेता था। लेकिन अप्रैल में जारी अधिसूचना के माध्यम से धारा-55 को पूरी तरह विलोपित कर दिया गया। मिट्टी, मोरम, बालू जैसे लघु खनिजों की रॉयल्टी का चालान जमा करना अनिवार्य कर दिया गया। इससे ठेकेदारों को मिट्टी, मोरम और बालू के वैध चालान मिलना मुश्किल हो गया। क्योंकि मिट्टी, मोरम और बालू क्रय के लिए वैध खादान बहुत कम हैं और लाइसेंस निर्गत नहीं हो रहे हैं। इसलिए सरकार ने लघु खनिज समुदान नियमावली की धारा 55 को विलोपित करने के 23 अप्रैल के फैसले को अगले एक साल तक के लिए स्थगित कर सकती है।


जानकारी के अनुसार अरसे बाद होने जा रही कैबिनेट की बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले होने की संभावना है। इसमें विभिन्न कैटेगरी के अधिकारियों और कर्मचारियों को किस स्तर पर और किस अधिकारी से विदेश जाने के लिए एनओसी लेना होगा, इसे वर्गीकृत किया जा सकता है। इसी तरह कल की बैठक में केंद्र सरकार द्वारा एमएमडीआर एक्ट में किए गए संशोधन को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर भी निर्णय की संभावना है। पूर्व में 5-6 अक्तूबर को विशेष सत्र बुलाने पर शीर्ष स्तर पर विचार किया गया था। लेकिन मंत्री दीपिका पांडेय की पुत्री की असमय मृत्यु के कारण विशेष सत्र बुलाने का निर्णय स्थगित कर दिया गया। सरकार विशेष सत्र बुला कर विधानसभा से एमएमडीआर एक्ट में किए गए संशोधन के विरुद्ध प्रस्ताव पारित करना चाहती है। उसे केंद्र को भेजना चाहती है।

Tags - Cabinet Jharkhand Soil and Morrum Foreign Special Session