रांची:
झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को आज मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में 131 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करेंगी। शिबू सोरेन को यह नागरिक सम्मान सार्वजनिक जीवन में उनके लंबे सार्थक योगदान और झारखंड राज्य के गठन में ऐतिहासिक भूमिका निभाने के लिए दिया जा रहा है। गौरतलब है कि 4 अगस्त 2025 को लंबी बीमारी के बाद शिबू सोरेन का निधन हो गया था। वह लगातार 8 बार लोकसभा सांसद रहे और यूपीए सरकार में कोयला मंत्री के रूप में भी काम किया। जब उनका निधन हुआ वह राज्यसभा सांसद थे।

शिबू सोरेन से झारखंडियों का भावनात्मक जुड़ाव
झारखंड के लोगों का शिबू सोरेन से भावनात्मक जुड़ाव है औरर इस वजह से उनको दिशोम गुरु कहा जाता है। शिबू सोरेन ने महाजनी और साहूकारी व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष से सार्वजनिक जीवन में कदम रखा। उन्होंने आदिवासियों को शिक्षित करने के लिए रात्रि पाठशालाओं का संचालन किया। शराबबंदी के खिलाफ अभियान चलाया। वह ना केवल एक राजनेता थे बल्कि सामाजिक सुधारक भी थे।

केंद्र सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित करने का फैसला लिया
गौरतलब है कि जब शिबू सोरेन का निधन हुआ तो झारखंड मुक्ति मोर्चा समेत अन्य पार्टी के नेताओं ने उनके लिए भारत रत्न की मांग की। उनके मोरहाबादी स्थित सरकारी आवास को म्यूजियम में तब्दील करने की मांग उठी। धुर्वा में उनका स्मृति स्थल बनाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने गुरुजी को भारत रत्न देने पर तो सहमति नहीं दी, लेकिन पद्म भूषण से सम्मानित करने का फैसला किया।