द फॉलोअप, रांची
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि “मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता सूची” विषय पर आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य वर्तमान में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से आगे बढ़कर मतदाता पंजीकरण के विषय पर व्यापक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में विमर्श करना है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के लिए 800 से अधिक विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों से संपर्क किया गया, जिसके फलस्वरूप 230 सार (Abstracts) प्राप्त हुए। स्वतंत्र अकादमिक विशेषज्ञ समिति द्वारा इनमें से 80 सार को शॉर्टलिस्ट किया गया तथा अंततः 58 शोध-पत्रों का प्रकाशन एवं विचार-विमर्श के लिए चयन किया गया। वैश्विक व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों में सक्रिय, स्वचालित एवं हाइब्रिड मतदाता पंजीकरण प्रणालियां प्रचलित हैं तथा जनसंख्या डेटाबेस, सिविल रजिस्ट्री, बायोमेट्रिक्स एवं सतत अद्यतनीकरण जैसी व्यवस्थाओं का उपयोग बढ़ रहा है। भारत में मजबूत संवैधानिक एवं कानूनी ढांचा, व्यापक क्षेत्रीय सत्यापन तथा राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी की व्यवस्था है। इसका मूल उद्देश्य ऐसी शुद्ध, समावेशी एवं पारदर्शी मतदाता सूची सुनिश्चित करना है, जिसमें प्रत्येक पात्र नागरिक शामिल हो और कोई अपात्र व्यक्ति सम्मिलित न रहे।
के रवि कुमार मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, झारखण्ड द्वारा केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखण्ड के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “Voter Registration and Voter Registers 2026” को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सम्मेलन पुस्तक "Voter Registration and Voter Registers, Foundations, Global Practice and Legal Framework Voll-1", "Voter Registration and Voter Registers, Theory, Awareness, Inclusion and Technology Voll-2" एवं स्मारिका का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव अरविंद आनंद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

मतदाता सूची लोकतांत्रिक सहभागिता का प्रवेश द्वारः प्रो अशोक आर पाटिल
नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक सहभागिता का प्रवेश द्वार है और विश्वसनीय चुनाव की शुरुआत शुद्ध, समावेशी एवं नियमित रूप से अद्यतन मतदाता सूची से होती है। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता और समावेशन के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित होना चाहिए, वहीं फर्जी, डुप्लीकेट अथवा अपात्र पंजीकरण को रोकना भी आवश्यक है।
शुद्ध एवं समावेशी मतदाता सूची ही लोकतंत्र की आधारशिलाः फादर रॉबर्ट
सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची के प्राचार्य डॉ. फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर ने कहा कि शुद्ध एवं समावेशी मतदाता सूची मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला है। शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि कॉलेज एवं विश्वविद्यालय मतदाता जागरूकता, परिसर आधारित मतदाता पंजीकरण अभियान तथा नागरिक शिक्षा के माध्यम से लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने बढ़ते प्रवासन, शहरीकरण एवं तकनीकी बदलाव के बीच विशेष रूप से युवा मतदाताओं, प्रवासियों एवं वंचित समुदायों की निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
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तकनीक और एआई उपयोग से चुनौतियां भीः प्रो मेधेकर
केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखण्ड के कुलपति प्रो. सारंग मेधेकर ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, झारखण्ड के साथ विश्वविद्यालय की निकट साझेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सहयोग अकादमिक शोध और निर्वाचन प्रबंधन के व्यावहारिक अनुभवों को प्रभावी रूप से एक मंच पर लाता है। उन्होंने कहा कि भारत की विशाल निर्वाचन प्रक्रिया के संचालन के लिए व्यापक लॉजिस्टिक व्यवस्था एवं दक्ष पेशेवरों की आवश्यकता होती है। वहीं उभरती तकनीकों एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के साथ नई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
पात्र न छूटे और अपात्र शामिल न हो, यही मुख्य उद्देश्यः सुबोध कुमार
अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखण्ड सुबोध कुमार ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की पूरी प्रक्रिया के केंद्र में नागरिक और मतदाता होते हैं। इसलिए शुद्ध, समावेशी और पारदर्शी मतदाता सूची मजबूत लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में प्रवासन, शहरीकरण, बदलती जनसंख्या और नए युवा मतदाताओं के कारण मतदाता सूची को लगातार अद्यतन रखना आवश्यक है। झारखण्ड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूटे नहीं और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम इसमें शामिल न हो।
