रांची:
झारखंड कांग्रेस और आरजेडी के बीच राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। झारखंड कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने आरजेडी के नेताओं की ओर से दिए गए बयानों को अमर्यादित और आधारहीन बताते हुए कहा कि उन्होंने महागठबंधन की मर्यादा को तार-तार किया है। राकेश सिन्हा ने कहा कि यदि किसी दल को अपने विधायकों और नेताओं पर भरोसा नहीं है तो इसकी खीझ कांग्रेस पर निकालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और संगठनात्मक स्थिति पर टिप्पणी करना आरजेडी के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रीय पार्टी हैं और जानते हैं कि आंतरिक मामलों को कैसे संभालना है।

के. राजू के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी गलत
मीडिया प्रभारी ने कहा कि प्रदेश प्रभारी के. राजू के खिलाफ की गई व्यक्तिगत टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण है। यह महागठबंधन की भावना के खिलाफ भी है। उन्होंने कहा कि के. राजू को लेकर बिकाऊ जैसे शब्दों का प्रयोग दरअसल, भाषा की मर्यादा और राजननीतिक संस्कृति के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस प्रमाण के वरिष्ठ नेता की छवि धूमिल करने का प्रयास राजनीतिक दिवालियापन है।
राकेश सिन्हा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के नतीजों और वोटिंग के दौरान हुई घटनाओं को लेकर आरजेडी सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि आरजेडी जवाबदेही से बचने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधकर सच्चाई छिपाने की कोशिश में जुटी है।

नेताओं को सयंमित भाषा बोलने की सलाह
राकेश सिन्हा ने कहा कि आरजेडी को अपने नेताओं को सयंमित भाषा का प्रयोग करने की सलाह देनी चाहिए। बढ़िया होगा यदि वे गठबंधन धर्म का पालन करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सोचता है कि कांग्रेस पर झूठे आरोप लगाकर अपनी राजनीतिक विफलता छिपाई जा सकती है तो यह भ्रम है।