द फॉलोअप, रांची
झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य के चिकित्सकों के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। विभाग ने गैर-शैक्षणिक विशेषज्ञ चिकित्सक संवर्ग में समायोजन के इच्छुक चिकित्सकों से विकल्प (ऑप्शन) मांगा है। इस संबंध में अपर सचिव किरण सोरेन ने सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों को पत्र भेजा है। पत्र के अनुसार, झारखंड राज्य के गैर-शैक्षणिक विशेषज्ञ चिकित्सक (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवाशर्त) (संशोधन) नियमावली, 2021 के तहत विशेषज्ञता प्राप्त चिकित्सकों को उनकी योग्यता और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर गैर-शैक्षणिक विशेषज्ञ चिकित्सक संवर्ग में समायोजित किया जा सकेगा। इसके लिए एमबीबीएस के बाद विशेषज्ञता प्राप्त चिकित्सकों को चार अतिरिक्त वेतनवृद्धि तथा स्नातकोत्तर डिप्लोमाधारी चिकित्सकों को तीन अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ दिया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि समायोजन केवल उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर होगा और विकल्प देने मात्र से समायोजन का दावा मान्य नहीं होगा। साथ ही, जिन विशेषज्ञ चिकित्सकों का वेतनमान मूल कोटि से अधिक है, उन्हें भी गैर-शैक्षणिक विशेषज्ञ चिकित्सक संवर्ग में समायोजित किया जा सकता है, लेकिन उन्हें अतिरिक्त वेतनवृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा। समायोजन के लिए चिकित्सकों को अपनी विशेषज्ञता से संबंधित कार्यों का अनुभव तथा वर्तमान में भी उक्त कार्य करने की क्षमता का प्रमाण देना होगा। विभाग ने सभी अधीक्षकों और प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि इच्छुक चिकित्सकों से निर्धारित प्रपत्र में आवेदन लेकर 28 जून 2026 तक विभाग को उपलब्ध कराएं। वर्ष 2024 के बाद जिन चिकित्सकों ने पहले ही आवेदन जमा कर दिया है, उन्हें दोबारा आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होगी।
