द फॉलोअप डेस्क
बहु प्रतीक्षित पेसा नियमावली को आज राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिल गयी। पेसा नियमावली को मंजूरी मिल जाने के बाद अब इसके जल्द लागू होने की उम्मीद बढ़ गयी है। हालांकि इसमें भी कुछ और महीने लगने से इंकार नहीं किया जा सकता। तय प्रावधान के तहत अब नियमावली को पंचायती राज विभाग नोटिफाइ करेगा। इसमें दो-चार दिनों का समय लग सकता है। इसके बाद नियमावली को विभाग शिड्युल एरिया वाले जिलों के डीसी को भेजेगा। इसके बाद डीसी संबंधित शिड्युल एरिया में ग्राम सभा को नोटिफाइ करेंगे। इसके लिए तय प्रावधान का पालन किया जाएगा। अर्थात उपायुक्त ग्राम सभा को नोटिफाइ करने से पहले सार्वजनिक सूचना देंगे। आपत्तियों की मांग की जाएगी। फिर ग्राम सभा नोटिफाइ किया जाएगा। अर्थात उस ग्राम सभा में कितने परिवार, कितने वोटर, उसकी क्या सीमा रेखा, तय हो जाएगी। नोटिफिकेशन के बाद ग्राम सभा फंक्शनल हो जाएगा। वह पेसा नियमावली के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करने लगेगी। ग्राम सभा में किसी तरह का विवाद उत्पन्न होने पर उपायुक्त एक निश्चित समय सीमा के भीतर अपना फैसला सुनाएंगे।

लघु खनिज पर ग्राम सभा का अधिकार होगा
लघु खनिज, जिसके तहत बालू, मोरम, मिट्टी आता है, ग्राम सभा का अधिकार होगा। हालांकि बालू के ग्रेड वन घाटों पर ग्राम सभा का पूरा नियंत्रण होगा। ग्राम सभा ही बालू के उपयोग अनुमति अथवा उसे बेचने का फैसला करेगा। ग्रेड टू बालू घाटों का ऑक्शन जेएसएमडीसी के ही माध्यम से होगा, लेकिन इससे पहले ग्राम सभा की यहां भी अनुमति लेनी होगी। बालू से प्राप्त राजस्व का उपयोग ग्राम सभा गांव के विकास पर करेगी।
कोरम के लिए एक तिहाई सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य
ग्राम सभा की बैठक की प्रक्रिया भी तय कर दी गयी है। कोरम के लिए बैठक में एक तिहाई सदस्यों की उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया गया है। अगर किसी मुद्दे पर आम सहमति से निर्णय नहीं होता है तो 50 फीसदी से अधिक सदस्यों का उस विषय पर समर्थन आवश्यक माना जाएगा।

एक हेक्टेयर से कम के जल क्षेत्र पर ग्राम सभा का नियंत्रण होगा
एक एकड़ से कम जल क्षेत्र पर ग्राम सभा का नियंत्रण होगा। ग्राम सभा ही उस जल क्षेत्र में मत्स्य पालन का निर्णय करेगी। उस तालाब से उत्पादित मछली के उपयोग का फैसला करेगी। बेचने अथवा गांव के किसी व्यक्ति को देने का।
शराब की दुकान ग्राम सभा की अनुमति से ही खुलेगी
नियमावली में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी शराब की दुकान, देसी अथवा विदेशी शराब की दुकान ग्राम सभा की अनुमति के बाद ही खुलेगा। हालांकि राज्य सरकार की उत्पाद नीति में पहले से भी इसका प्रावधान किया गया है।

छोटे मोटे अपराधों की सुनवाई ग्राम सभा करेगी
छोटे-मोटे अपराधों की सुनवाई भी ग्राम सभा करेगी। मसलन बैल चोरी, गाय चोरी, किसी व्यक्ति के घर से चोरी, जबरन किसी की जमीन पर कब्जे की कोशिश, मन मुटाव, गाली-गलौज जैसे अपराधों को लेकर ग्राम सभा को शिकायत मिलने पर उसकी वह सुनवाई करेगी। पारंपरिक न्याय व्यवस्था के तहत दंडित भी करेगी। दो हजार रुपए तक जुर्माना भी कर सकेगी। इतना ही नहीं किसी ग्राम से किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी होने पर पुलिस को उसकी सूचना देनी होगी।
स्कूल, स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ग्राम सभा की नजर रहेगी
संबंधित ग्राम के भीतर संचालित स्कूल अथवा स्वास्थ्य केंद्रों पर ग्राम सभा नजर रखेगी। चिकित्सकों, पारा मेडिकल कर्मियों और शिक्षकों की अनुपस्थिति पर वह विभाग से कार्रवाई की अनुशंसा करेगी।
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