logo

द फॉलोअप इम्पैक्ट : जामताड़ा की संपन्न पार्षद जयंती दत्ता की खुली पोल, जांच रिपोर्ट के बाद वृद्धा पेंशन बंद

Jamatara_Exposed.jpg

जामताड़ा
जामताड़ा की निर्विरोध चुनी गईं वार्ड पार्षद जयंती दत्ता द्वारा अवैध रूप से वृद्धा पेंशन लेने का मामला जांच में पूरी तरह सच पाया गया है। 'द फॉलोअप' द्वारा 9 जून को इस धांधली को उजागर किए जाने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। अंचल कार्यालय द्वारा गठित जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट जामताड़ा उपायुक्त को सौंप दी है, जिसमें पार्षद को दोषी पाया गया है।क्या है पूरा मामला?
'द फॉलोअप' ने "जामताड़ा की निर्विरोध पार्षद जयंती दत्ता पर अवैध रूप से वृद्धा पेंशन लेने का आरोप, सिस्टम पर उठे सवाल" शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि वार्ड संख्या 9 की संपन्न और रसूखदार पार्षद जयंती दत्ता नियमों को ताक पर रखकर गरीबों के हक की पेंशन डकार रही थीं। हैरान करने वाली बात यह है कि जयंती दत्ता के पति सजल दत्ता भी पूर्व में इसी वार्ड से पार्षद रह चुके हैं। राजनीतिक रसूख वाले इस संपन्न परिवार द्वारा पिछले कई महीनों से बेखौफ होकर निराश्रितों की राशि पर डाका डाला जा रहा था।जांच में खुली पोल, काटी गई पेंशन
खबर का संज्ञान लेते हुए जब प्रशासनिक स्तर पर नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम पोर्टल की जांच की गई, तो सारे तथ्य सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के अनुसार, जयंती दत्ता की वृद्धा पेंशन 28 फरवरी 2024 को स्वीकृत हुई थी स्वीकृति संख्या: JH-S-07983299। वित्तीय वर्ष 2026-2027 के फिजिकल वेरिफिकेशन  में वे इस योजना के लिए पूरी तरह अयोग्य पाई गईं। इसके बाद कार्रवाई करते हुए 30 मई 2026 को कार्यालय द्वारा उनका नाम पोर्टल से हटा दिया गया। अंचल कार्यालय ने जांच प्रतिवेदन को जामताड़ा उपायुक्त के पास भेजकर आगे की दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। इस खुलासे के बाद से स्थानीय व्यवस्था और सरकारी तंत्र की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
 

Tags - Jamtara News Pension Scam Jharkhand News Ward Councillor Government Scheme Fraud