द फॉलोअप डेस्क
पलामू जिले के विभिन्न कार्यालयों में वर्षों तक कार्यरत रहे अनुसेवकों का जत्था रांची लिए आज कूच कर दिया है। विभिन्न वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र के साथ अपनी आवाज को बुंदल करते हुए ये कल रांची पहुंचेंगे। नागाबाबा खटाल के पास डेरा डालेंगे। फिर नौ जनवरी को मुख्यमंत्री से मिल कर बर्खास्त किए गए 251 अनुसेवकों को समायोजित करने की मांग करेंगे। तीन जनवरी को रांची के लिए अनुसेवकों का कहना है कि वर्ष 2010 में नियुक्ति के लिए जिला प्रशासन ने विज्ञापन निकाला था। 2017 में लिखित परीक्षा हुई। लिखित परीक्षा में सफल रहे अभ्यर्थियों को 2018 में नियुक्त किया गया।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अमृत यादव बनाम झारखंड सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विज्ञापन को त्रुटिपूर्ण बताते हुए रद्द कर दिया। उसके बाद तत्कालीन उपायुक्त ने बगैर सूचना दिए और स्पष्टीकरण पूछे 251 अनुसेवकों को बर्खास्त कर दिया। इन लोगों का कहना है कि वे वर्षों से कार्यरत रहे हैं। अब उनकी उम्र इतनी अधिक हो गयी है कि वे किसी प्रतियोगी परीक्षा में बैठने की स्थिति में नहीं है। उनकी माली हालत भी खराब है। परिवार चलाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। इसलिए ये अनुसेवक मुख्यमंत्री से मिल कर न्याय की मांग करेंगे।
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