द फॉलोअप, रांची:
अदालत का टाइपिंग मिस्टेक था, अभय तिवारी के पिता JPSC की परीक्षा में नहीं बैठे थे। सीआईडी ने अतिरिक्त न्यायायुक्त-1 की अदालत को टाइपिंग मिस्टेक की ओर ध्यान आकृष्ट कराने के बाद 8 सितंबर को सुधार दिया गया। उसमें कहा गया है कि 5 सितंबर को दिए आदेश के पैरा-9 के उप-पैरा (i) में अनजाने में टाइपिंग की गलती हो गई थी। अभय कुमार तिवारी के पिता का नाम इस तरह टाइप हो गया था, जिससे यह प्रतीत होता था कि उनके पिता भी परीक्षा में शामिल हुए थे। सीआईडी ने पिता का नाम आरोपी अभय कुमार तिवारी के नाम के ठीक बाद होना चाहिए था। इसलिए एमसीए संख्या 1818/2026 में दिनांक 05.09.2026 को पारित आदेश में आवश्यक सुधार किया जाए।

न्यायालय ने मामले की आज सुनवाई की और सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 के रिकॉर्ड तथा आदेश का अवलोकन किया। न्यायालय ने पाया कि टाइपिंग की अनजाने में गलती हुई थी। इसलिए मूल आदेश के पैरा-9 के उप-पैरा (i) में आज सुधार किया जाता है। अब संशोधित पैरा इस प्रकार कर दिया गया है-“हितों का गंभीर टकराव मौजूद है, क्योंकि मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, पिता सुखदेव तिवारी, जो टीडीपीएल (TDPL) से जुड़े हुए हैं, वे भी वर्ष 2024 की एफआरओ (पीटी) परीक्षा (रोल नंबर 24400147) तथा एसीएफ (पीटी) परीक्षा 2024 (रोल नंबर 24300086) में शामिल हुए थे। दोनों परीक्षाएं जेपीएससी द्वारा टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित की गई थीं।
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