रांची :
रांची नगर निगम क्षेत्र के दुर्गा पूजा पंडालों के बाहर लगे ठेले से 10 रुपए, अस्थायी दुकान से 100 रुपए और पंडाल के अंदर लगाए गए अस्थायी दुकानों से 200 रुपए कचरा यूजर चार्ज निगम ने वसूलने की तैयारी की है। मगर इस फैसले का चेंबर ऑफ कॉमर्स ने विरोध किया है। चेंबर का कहना है कि यह तुगलकी फरमान स्वीकार योग्य नहीं है। चेंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि कम से कम 5-7 हजार गरीब खोमचे वाले, प्रसाद और बच्चों के लिए खिलौने आदि बेचने वालों से ऐसी वसूली बहुत बड़ा अमानवीय निर्णय है। ये दुकान और ठेले लगाने वाले लोग बहुत दिन से इंतजार करते हैं कि ऐसे त्यौहार में उनके सामने जीविकोपार्जन के रास्ते खुलेंगे।
पूंजी फंसने की है आशंका
कोविड महामारी के कारण पिछले दो साल दुर्गा पूजा मनाई ही नहीं गई। जिस कारण उन्हें रोजगार का अवसर नहीं मिला। ऐसी दुकाने लगाने के लिए एक पूरा परिवार, बच्चे सहित जुटकर मेहनत करते हैं। कई परेशानी झेलते हैं। बाजार से कुछ रुपये उधार भी लेते हैं। मगर त्योहार के समय बारिश भी होने से उनकी पूंजी फंसने की आशंका है। वो पूजा घूमने भी नहीं जा पाते हैं। निगम यदि ऐसे समय में ठेले लगाने वालों को मदद की पहल करता तो यह सम्मान की बात होती। क्योंकि, पंडालों के पास ठेले लगाकर वे एक तरह से इस त्योहार की रौनक बढ़ाते हैं।

सफाई के नाम पर हो रही खानापूर्ति
चेंबर अध्यक्ष ने कहा कि शहर के कई इलाके बारिश में जलमग्न हैं। नियमित सफाई व्यवस्था के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। बड़ी बात यह कि निगम के लिए इन ठेलों, खोमचे से वसूली जानेवाली रकम नगण्य है। निगम के पास ऐसी आखिर कौन सी टीम है जो इन 13 हजार ठेलों, दुकानों से प्रतिदिन वसूली कर सके। यह प्रतीत होता है कि निगम के इस निर्णय से केवल भयादोहन होगा। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने इस मामले में मेयर- डिप्टी मेयर से वार्ता की बात भी कही। उन्होंने कहा कि त्योहार के समय गरीब ठेले-खोमचे वालों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
