रांची:
रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दफ्तर में पेट्रोल बम से हमला किए जाने की घटना पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 2 लोगों ने दफ्तर पर पेट्रोल बम फेंका। वे लोग कार से आए थे और उनके साथ कुछ लोग मोटरसाइकिल पर भी थे। बाबूलाल मरांडी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की आशंका जताई। बाबूलाल मरांडी ने जानकारी दी है कि उन्होंने इस घटना को लेकर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से बातचीत की है।
#WATCH | Jharkhand | Petrol bombs thrown at RSS office in Ranchi
— ANI (@ANI) June 17, 2026
Leader of the Opposition in Jharkhand Assembly, Babulal Marandi says, "At around am, two men threw petrol bombs at the RSS office. They came by car with motorbikes accompanying them. This is a serious matter… pic.twitter.com/OwPRd25V57
रघुबर दास ने एसआईटी गठन की मांग की
पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने कहा कि संयुक्त बिहार और अलग झारखंड गठन के बाद पिछले 26 वर्षों में भी कभी राष्ट्र और मानव निर्माण को समर्पित, राष्ट्रभक्ति की सीख देने वाले संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिष्ठान पर ऐसा हमला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि डीजीपी से बातचीत करके इस केस में एसआईटी गठित करने की मांग की है, ताकि जिहादी मानसिकता के अपराधियों की पहचान की जा सके। रघुबर दास ने कहा कि दूसरी जगहों का छोड़िए, कम से कम राजधानी रांची की सुरक्षा तो चाक-चौबंद होनी चाहिए। यदि राजधानी में इस प्रकार हमला होगा तो अन्य जगहों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में जिहादी मानसिकता वालों और अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। पुलिस को उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

संजय सेठ ने पुलिस पिकेट बनाने की मांग की
संघ कार्यालय को मां के समान बताते हुए केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने कहा कि रात को करीब 12:36 बजे 2 युवकों ने संघ कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका। यह एक बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने उपायुक्त से बात की है। उन्होंने आरोप लगाया कि रांची एसएसपी उनके कॉल का जवाब नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने संघ कार्यालय के पास पुलिस पिकेट लगाने की मांग की है।
घटना की छानबीन में जुटी है रांची पुलिस
रांची में आरएसएस कार्यालय में पेट्रोल बम से हमला किए जाने की घटना पर सिटी डीएसपी केवी रमन ने कहा कि 2 बोतलें मिली हैं। एफएसएल की टीम उनकी जांच कर रही है। साइबर डीएसपी और पुलिस के दूसरे अधिकारियों को भी इस मामले की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस कमिश्नर की अगुवाई में एक टीम बनी है। सीसीटीवी फुटेज की जांच से हमें कुछ संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली है।