द फॉलोअप डेस्क
राज्य सरकार ने एक अप्रत्याशित फैसला करते हुए तदाशा मिश्रा को ही डीजीपी बनाए रखने का फैसला किया है। इसके लिए झारखंड पुलिस महानिदेशक सह पुलिस महानिरीक्षक नियुक्ति नियमावली 2025 को संशोधित किया गया है। 29 दिसंबर को नियमावली को संशोधित करते हुए राज्य सरकार ने तदाशा मिश्रा को अगले दो वर्षों तक के लिए डीजीपी के पद पर पदस्थापित किया है। जानकारी के अनुसार पूर्व के प्रावधान के अनुसार जिनकी सेवा छह माह बची हुई हो और वह डीजीपी पद पर पदस्थापित हैं, तो उन्हें दो वर्षों तक सेवा विस्तार दिए जाने का प्रावधान था। अब नियमावली में संशोधन के बाद छह महीने तक डीजीपी रैंक में रहनेवाले आईपीएस अधिकारी को भी दो वर्षों तक सेवा विस्तार मिल सकेगा। और इसी प्रावधान के तहत तदाशा मिश्रा को डीजीपी के पद पर फिर से पदस्थापित किया गया है।
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यहां मालूम हो कि अनुराग गुप्ता के डीजीपी पद से हटाये जाने के बाद तीन महीने पहले राज्य सरकार ने तदाशा मिश्रा को प्रभारी डीजीपी बनाया था। वह 31 दिसंबर को रिटायर हो रही थीं। अब वह दो साल तक सेवा में बनी रहेंगी। इधर तदाशा मिश्रा के रिटायरमेंट को ध्यान में रखते हुए नये डीजीपी के लिए प्रशांत सिंह और एमएस भाटिया के नाम पर गंभीर चर्चा हो रही थी। पुलिस और प्रशासनिक महकमे को अनुमान था कि इन्हीं दोनों अधिकारियों में से किसी को नया डीजीपी बनाया जाएगा। लेकिन सारा अनुमान गलत निकला।
