नई दिल्ली
देश की न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत राष्ट्रपति ने ‘सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या संशोधन अध्यादेश, 2026’ जारी किया है। नए अध्यादेश के लागू होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है।
The President is pleased to increase the Judge strength of the Supreme Court from 33 to 37 Judges (Excluding the Chief Justice of India) by promulgating The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Ordinance, 2026, which has further amended the “Supreme Court (Number of Judges)…
— Arjun Ram Meghwal (@arjunrammeghwal) May 16, 2026
अर्जुन राम मेघवाल सोशल मीडिया में X दी जानकारी
केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने ‘सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956’ में संशोधन करते हुए जजों की संख्या बढ़ाने वाले अध्यादेश को मंजूरी दे दी है।
लंबित मामलों के निपटारे में आएगी तेजी
हालांकि, इस संख्या में भारत के मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया) शामिल नहीं होंगे। मुख्य न्यायाधीश को जोड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में कुल स्वीकृत जजों की संख्या 38 हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के बढ़ते बोझ को कम करने में मदद मिलेगी। जजों की संख्या बढ़ने से मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और लंबे समय से लंबित मुकदमों का जल्द निपटारा संभव हो सकेगा, जिससे आम लोगों को समय पर न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।
कैबिनेट से पहले ही मिली थी मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने 5 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट में चार नए जजों के पद बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद सरकार ने ‘सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026’ जारी किया। वहीं सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में बढ़ते मामलों और कामकाज के दबाव को देखते हुए जजों की संख्या बढ़ाना जरूरी था। इससे सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद है। इससे पहले 2019 में जजों की संख्या 30 से बढ़ाकर 33 की गई थी। नए अध्यादेश के बाद चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया समेत सुप्रीम कोर्ट में कुल स्वीकृत जजों की संख्या 38 हो जाएगी। (इनपुट: आईएएनएस)