रांचीः
धुर्वा क्षेत्र में 2 आदिवासियों के घरों को आज बुलडोजर से तोड़ दिया गया। छोटे से घर को तोड़ने के लिए दो बुलडोजर को लगाया गया था। घर टूटने के दौरान एक घर की आदिवासी बच्ची सुहानी सांगा लगातार चिल्लाती रही रोती रही प्रशासन के आगे बिलखती रही कि मेरे घर को मत तोड़ो लेकिन प्रशासन ने सुहानी सांगा की आवाज ना सुनी। सुहानी लगातार प्रशासन के लोगों से चीख-चीख कर सवाल कर रही थी कि क्या आप मुझे अपने घर में रखेंगे बोलिए ना। बोलते क्यों नहीं है मैं तो बस आपसे पूछ रही हूं कि क्या आप मुझे अपने घर में रखेंगे। इसका जवाब किसी के पास नहीं था।

प्रशासन अपने काम में लगा था प्रशासन लगातार सुहानी को हटा हटा कर बार-बार उसके घर को के ऊपर बुलडोजर चला रहा था। इस दौरान सुहानी बार-बार अपने घर के दीवार से सट कर रो रही थी और कह रही थी कि मुझे मरने दीजिए मुझे चोट लगने दीजिए लेकिन मैं यहां से नहीं हटूंगी मैं अपने घर को नहीं टूटने दूंगी लेकिन प्रशासन के आगे सरकार के आगे किसकी चलती है। स्मार्ट सिटी बनाने के लिए आखिर एक गरीब के घर को ढाह दिया गया। सुहानी सांगा की चीख किसी तक नहीं पहुंची। सुहानी का कहना है कि जब भी नोटिस दिया जाता है तो बहुत कम समय के लिए दिया जाता है 2 दिन के लिए 3 दिन के लिए इतने समय में हम घर खाली कर कहां जाएंगे।

जब हमारे संवाददाता ने मजिस्ट्रेट से पूछा कि क्या नोटिस दी गई थी तो इस पर मजिस्ट्रेट ने कहा कि मैं एसडीओ के आर्डर पर यहां आई हूं विधि व्यवस्था देखने, मुझे इसके बारे में कुछ भी नहीं पता। टूटते हुए घर को देखना बहुत ही हृदय विदारक है इसकी पूरी वीडियो आप फॉलोअप झारखंड के पेज पर देख सकते हैं। इस दौरान सुहानी लगातार कहती नजर आ रही थी कि आप जैसे लोग नहीं चाहते हैं कि हम आराम से रहे पढ़े लिखे और अच्छी नौकरी करें आप तो बस यह चाहते हैं कि हम जैसे लोग आपके घर में मेड का काम करें आपके घर में नौकर बनकर जी