द फॉलोअप, गिरिडीह
मंत्री सुदिव्य सोनू लगभग चार घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझे। चिकित्सकों और परिजनों के अनुसार उन्हें सबसे पहले शनिवार की रात लगभग 12 बजे पहला हार्ट अटैक हुआ। इस क्रम में उन्हें उल्टी आयी। उल्टी उनके फेफड़े में घुस गया। घर से उन्हें जल्द से जल्द इलाज के लिए अस्पताल लाया गया। रात लगभग 2 बजे वे अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने उनका इलाज प्रारंभ कर दिया। लेकिन इलाज के क्रम में ही उन्हें फिर दूसरा हार्ट अटैक आ गया। लाख प्रयास के बाद भी चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके। सुबह लगभग 4 बजे उनका निधन हो गया। सुदिव्य सोनू लगभग चार घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझते रहे। वह लगभग 56 वर्ष के थे। मंत्री के निधन को लेकर मर्सी हॉस्पिटल में मौजूद चिकित्सक डॉ. शाहजाद शेख ने विस्तार से इसकी जानकारी दी।

राज्य के नगर विकास एवं उच्च तकनीकी शिक्षा मंत्री सह गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की सूचना मिलते ही मर्सी हॉस्पिटल में उनके समर्थकों, शुभचिंतकों और आम लोगों की भीड़ जुटने लगी। जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार, डीडीसी स्मिता कुमारी, सदर एसडीएम धीरेंद्र कुमार समेत जिले के कई वरीय अधिकारी अस्पताल में मौजूद रहे। वहीं शहर के राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न वर्गों से जुड़े गणमान्य लोग भी मर्सी हॉस्पिटल पहुंचकर शोक व्यक्त कर रहे हैं।
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