द फॉलोअप डेस्क:
झारखंड (Jharkhand) के पूर्व उपमुख्यमंत्री (Former Deputy Chief Minister) और आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो (Sudesh Mahto) ने रविवार को चंदनकियारी (ChandanKiyari) प्रखंड के मयूरढुवी गांव में झारखंड आंदोलनकारी लीलू, हीरू और पटल बाउरी के स्मारक की आधारशिला रखी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान और उनकी शहादत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनकी कुर्बानी से प्रेरणा लेने और उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की जरूरत है।

शहीदों का सम्मान पूरे झारखंड का गौरव
सुदेश महतो ने कहा कि शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए स्मारक की आधारशिला रखने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। झारखंड आंदोलन में बाउरी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिस पर समाज को गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीद किसी एक समाज के नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के गौरव हैं। यह केवल भाषण देने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना जगाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि तीनों आंदोलनकारियों को अब तक शहीद का दर्जा नहीं मिला है। उन्हें यह सम्मान मिलना चाहिए। उनकी शहादत के पीछे की परिस्थितियों और गोली चलाने वालों से जुड़े इतिहास को भी सामने लाने की जरूरत है। सुदेश महतो ने कहा कि शहीदों को सम्मान दिलाने के लिए आजसू परिवार आगे आएगा। उनका 50वां शहादत दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा और उनकी आदमकद प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
मंईयां सम्मान योजना पर सरकार को घेरा
सुदेश महतो ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल मंईयां सम्मान योजना के तहत राशि देने से महिला सशक्तीकरण नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की शिक्षा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने दावा किया कि योजना में नए नाम नहीं जुड़ रहे हैं और 50 वर्ष की उम्र पूरी होने पर महिलाओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे चुनावी रणनीति करार दिया। सुदेश महतो ने राज्य में युवाओं को रोजगार नहीं मिलने, नौकरियों में कथित अनियमितताओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने युवाओं से राजनीतिक चेतना विकसित करने और अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की।

58 हजार से अधिक आंदोलनकारियों के आवेदन लंबित
गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों की समस्याओं पर अब तक पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि 58 हजार से अधिक आंदोलनकारियों के आवेदन सत्यापन के अभाव में लंबित हैं। उन्होंने राज्य में भ्रष्टाचार और आंदोलनकारियों की पहचान से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए। डॉ. लंबोदर महतो ने चंदनकियारी स्थित ईएसएल प्लांट का मुद्दा उठाते हुए वहां हुई मौतों और भूमि अधिग्रहण से जुड़े आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्लांट क्षेत्र में अब तक 250 लोगों की जान जा चुकी है और एक महीने के भीतर छह लोगों की मौत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन गांवों की जमीन का अधिग्रहण किए बिना उसे प्लांट में शामिल कर लिया गया है। इन आरोपों पर संबंधित प्रबंधन और प्रशासन का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका।
युवाओं से विकास के लिए आगे आने की अपील
जुगसलाई के पूर्व विधायक रामचंद्र सहिस ने कहा कि झारखंड शहीदों की भूमि है। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने और राज्य के साथ-साथ गांवों के विकास के लिए चिंतन करने की अपील की। कार्यक्रम में आजसू प्रखंड अध्यक्ष मिथिलेश महतो, काशीनाथ सिंह, राजेश मेहता, राजेश महतो, बलराम बाउरी समेत कई लोग उपस्थित थे।