सरायकेला
कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा लागू किए जा रहे 'क्लस्टर मॉडल' और विषयों के पुनर्गठन के नाम पर सिंहभूम कॉलेज चांडिल से गृह विज्ञान (Home Science) की पढ़ाई बंद किए जाने के निर्णय के खिलाफ छात्र संगठन ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कॉलेज परिसर में संगठन के बैनर तले छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
.jpg)
विषयों को बंद करने की साजिश
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे AIDSO के जिला सचिव युधिष्ठिर प्रमाणिक ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सिंहभूम कॉलेज की स्थापना 1973 में हुई थी और इसके कुछ ही वर्षों बाद यहां गृह विज्ञान की पढ़ाई शुरू कर दी गई थी। दशकों से इस विषय की पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है और वर्तमान में भी विद्यार्थियों की संख्या पर्याप्त है। एक तरफ जहां कॉलेज में नए विषयों को जोड़ने और शिक्षकों की कमी दूर करने की जरूरत है, वहीं कोल्हान विश्वविद्यालय 'क्लस्टर मॉडल' के नाम पर चल रहे विषयों को बंद करने की साजिश रच रहा है। यह एक 'तुगलकी फरमान' है जिसे छात्र समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।

आंदोलन की चेतावनी
छात्र नेताओं का आरोप है कि स्ट्रीम वाइज क्लस्टर मॉडल लागू करके शिक्षा का दायरा बढ़ाने के बजाय उसे सीमित किया जा रहा है। आधारभूत संरचना और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की कमी को दूर करने के बजाय सीधे विषय को ही हटा देना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। विरोध प्रदर्शन के मुख्य बिंदु में शिक्षा से वंचित करने की साजिश, संगठन का दावा है कि इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को सबसे अधिक नुकसान होगा। AIDSO ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह विरोध का केवल पहला चरण है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र हित को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन के दौरान कॉलेज के दर्जनों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे, जिन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और कॉलेज प्रबंधन के माध्यम से उच्चाधिकारियों तक अपनी बात पहुँचाई।