द फॉलोअप डेस्क
पलामू पुलिस द्वारा जिले में अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने के लिए लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत बीते वर्ष जिन क्षेत्रों में अफीम की खेती की गई थी और जिन्हें विनष्ट कर संबंधित प्राथमिकी दर्ज की गई थी, उनका भौतिक सत्यापन किया गया।
मनातू थाना क्षेत्र के खारिकदाग स्थित इटवाही जंगल और पांकी थाना क्षेत्र के केकरगढ़ पंचायत के बगडेगवा, राणादह, फुचेरी और जसपुर गांवों में सत्यापन किया गया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन स्थलों पर इस वर्ष न तो जोत-कोड़ की गई है और न ही अफीम की नई खेती की गई है। फिर भी पुलिस द्वारा संभावित नए स्थलों की पहचान हेतु सतत प्रयास जारी है।
मनातू थाना क्षेत्र के उरूर गांव के जंगल और पांडी थाना क्षेत्र के बरवाही गांव के जंगली क्षेत्र में भी पिछले वर्ष की अफीम खेती वाले स्थलों का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि इन स्थानों पर भी कोई नई जोत-कोड़ नहीं की गई है, और न ही अफीम की खेती से संबंधित कोई सूचना प्राप्त हुई है। पांडी थाना क्षेत्र के बारहही गांव के जंगली क्षेत्र में सत्यापन के दौरान कुछ खेतों में आलू और अरहर की फसलें लगी पाई गईं, जबकि शेष भूमि खाली थी।
