द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. लेकिन इसी ठंड से राहत पाने का एक उपाय एक दंपती को इतना महंगा पड़ गया कि दोनों को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह दर्दनाक घटना हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड अंतर्गत बानादाग गांव की है. जहां बंद कमरे में कोयले की अंगीठी जलाकर सो रहे पति-पत्नी की दम घुटने से मौत हो गई।
मृतक के पुत्र अनिल कुमार ने बताया कि उनके माता-पिता गंगा प्रसाद और रेणु देवी रात में ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में कोयले की अंगीठी जलाकर सोए थे। सुबह जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा खोलने पर दोनों को मृत अवस्था में पाया गया। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही कटकमदाग प्रखंड के बीडीओ शिव बालक प्रसाद और अंचलाधिकारी सत्येंद्र पासवान बानादाग गांव पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की कि कड़ाके की ठंड में कभी भी बंद कमरे में कोयले की अंगीठी या आग जलाकर न सोएं। उन्होंने कहा कि इस घटना से सभी को सबक लेने की जरूरत है।
पति-पत्नी की एक साथ मौत से पूरे बानादाग गांव में मातम पसरा हुआ है। यह घटना एक बार फिर चेतावनी है कि ठंड से बचाव जरूरी है, लेकिन लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।