द फॉलोअप डेस्क
रक्षा राज्य मंत्री और रांची के सांसद संजय सेठ ने प्रेस वार्ता में झारखंड सरकार पर छात्रों के आंदोलन को कुचलने का आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों ने बिना किसी उपद्रव, पत्थरबाजी और संप्रदायवाद के 25 दिनों तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चलाया, उन पर सरकार द्वारा प्रायोजित तरीके से लाठियां बरसाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को तोड़ने के लिए पहले दिन से ही डिवाइड एण्ड रूल अंग्रेजों का फार्मूला अपनाया गया।
रांची समेत कई जिलों में छात्रों की पिटाई का आरोप
संजय सेठ ने कहा कि छात्रों ने पूर्व सूचना दी थी कि वे मुख्यमंत्री का पुतला दहन करेंगे। इसके बावजूद रांची, गिरिडीह, हजारीबाग और गढ़वा में छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं। उन्होंने कहा कि उन्होंने घटना के फुटेज देखे हैं, जिसमें सदर अस्पताल की बाउंड्री के अंदर जाकर छात्रों को पीटने का आरोप सामने आया है। उन्होंने कहा कि वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज के जरिए बच्चों की आवाज दबाने की कोशिश की गई।
अस्पतालों पर दबाव बनाने का लगाया आरोप
संजय सेठ ने आरोप लगाया कि घायल छात्रों के इलाज को लेकर अस्पतालों के निदेशकों और सिविल सर्जन पर पुलिसिया दबाव बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ अस्पतालों में घायल छात्रों को डिस्चार्ज करने के लिए दबाव डाला गया और अधिकारियों को नौकरी जाने तक की धमकी दी गई। उन्होंने इसे आपातकाल के दौर की याद दिलाने वाला ‘तुगलकी फरमान’ बताया।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
संजय सेठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज के 12-14 घंटे बीत जाने के बावजूद राहुल गांधी की ओर से कोई ट्वीट तक नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इसलिए इस मुद्दे पर नहीं बोल रहे हैं, क्योंकि इसमें उन्हें कोई राजनीतिक फायदा नजर नहीं आता। उन्होंने राहुल गांधी से रांची आने और घायल छात्रों से मिलने की चुनौती दी।.jpeg)
JPSC और परीक्षा विवाद को लेकर सरकार पर सवाल
उन्होंने कहा कि JPSC की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी नीलिमा करकेट्टा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 2024 में सरकार को पत्र लिखकर JPSC में कथित कमियों और परीक्षा परिणामों से जुड़ी अनियमितताओं की जानकारी दी थी। उन्होंने सवाल किया कि सरकार को पत्र मिलने के बावजूद दो साल तक इस मामले में कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
TDPL और परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच की मांग
संजय सेठ ने परीक्षा से जुड़े कथित गड़बड़ियों के मामले में अरुण कुमार और संबंधित एजेंसियों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में नौकरी बेचने से जुड़े सबूत और फुटेज होने के बावजूद CID ने कार्रवाई नहीं की। उन्होंने दावा किया कि करीब 100 बच्चों को पटना ले जाकर परीक्षा के उत्तर रटवाए गए और फिर उन्हें परीक्षा में बैठाया गया। उन्होंने कहा कि चार साल में CID की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण छात्रों और जनता का जांच एजेंसी पर विश्वास कम हुआ है।.jpeg)
CBI जांच की मांग, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
संजय सेठ ने पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित परीक्षा घोटाले में बड़े स्तर पर नेटवर्क काम कर रहा है और कई प्रभावशाली लोगों के संबंध होने की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार CBI जांच इसलिए नहीं कराना चाहती क्योंकि इसमें ‘बड़ी मछलियां’ फंस सकती हैं। हालांकि ये सभी आरोप संजय सेठ द्वारा लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि की आवश्यकता है।
‘सच को लाठियों से नहीं दबाया जा सकता’
संजय सेठ ने कहा कि देश की न्यायिक व्यवस्था पर लोगों को भरोसा है और इस मामले में न्याय जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार कितना भी दबाव या भय पैदा कर ले, सच को लाठियों से नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए।.jpeg)
‘सेटर्स’ फिल्म और अरुण कुमार के कथित संबंधों की जांच की मांग
उन्होंने अरुण कुमार से जुड़ी ‘सेटर्स’ फिल्म का भी जिक्र किया और सवाल उठाया कि फिल्म निर्माण में पैसा कहां से आया और इसमें कितना धन लगा। उन्होंने इसकी भी जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा वर्ष 2019 में संबंधित एजेंसियों पर प्रतिबंध लगाए जाने और उत्तर प्रदेश में TDPL को ब्लैकलिस्ट किए जाने के बावजूद झारखंड में उन्हें काम दिए जाने के पीछे क्या कारण था, इसकी जांच होनी चाहिए।
लाठीचार्ज के फुटेज के आधार पर कार्रवाई की मांग
प्रेस वार्ता के अंत में संजय सेठ ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने पूरे परीक्षा प्रकरण की CBI जांच कराने, ‘सेटर्स’ फिल्म और उससे जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच कराने तथा छात्रों पर लाठीचार्ज करने वालों के फुटेज के आधार पर पहचान कर FIR और गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों पर पड़ी एक-एक लाठी का जवाब देना होगा और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।