साहिबगंज:
साहिबगंज जिले के बोरियो प्रखंड क्षेत्र के मोतीपहाड़ी मोमिन टोला में पिछले दस दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। आकाशीय बिजली गिरने से 63 केवी का ट्रांसफार्मर जल जाने के बाद टोले के करीब 80 उपभोक्ताओं के घर अंधेरे में डूबे हुए हैं। बिजली नहीं रहने से भीषण गर्मी में ग्रामीण बेहाल हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं समरसेबल बंद रहने से पानी की समस्या भी गहरा गई है।

दस दिन बाद भी नहीं बदला ट्रांसफार्मर
झामुमो के पंचायत सचिव सलीम मोमिन ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने के बाद से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। दस दिन गुजर जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से बिजली नहीं रहने के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।
जर्जर तारों से हर समय हादसे का डर
नसीम मोमिन ने बताया कि गांव में बिजली के तारों की हालत भी बेहद खराब है। जगह-जगह तार जर्जर होकर टूट रहे हैं और सड़क व घरों के आसपास लटक रहे हैं। इससे ग्रामीणों के बीच हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि तारों की स्थिति इतनी खराब है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
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टूटे बिजली तार की चपेट में आने से कुत्ते की मौत
ग्रामीणों के अनुसार, बीते दिनों जर्जर बिजली का तार टूटकर एक कुत्ते के ऊपर गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद लोगों में और अधिक भय व्याप्त है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते जर्जर तारों को नहीं बदला गया तो किसी दिन कोई व्यक्ति भी इसकी चपेट में आ सकता है।
100 केवी ट्रांसफार्मर लगाने की मांग
ग्रामीणों ने 63 केवी ट्रांसफार्मर की जगह 100 केवी का नया ट्रांसफार्मर लगाने तथा पूरे टोले के जर्जर बिजली तारों को बदलने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग यदि समय रहते नहीं चेता तो जर्जर तारों के कारण किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने विभाग से अविलंब 100 केवी का नया ट्रांसफार्मर लगाने और जर्जर तारों को बदलने की मांग की है।
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जल्द लगाया जाएगा नया ट्रांसफार्मर
विद्युत विभाग के सहायक अभियंता शिवम पांडे ने बताया कि जल्द ही मोतीपहाड़ी मोमिन टोला में 100 केवी का ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। मौके पर वार्ड सदस्य नासिर अंसारी, सागीर अंसारी, अकबर अंसारी, बड़ा ऐनुल अंसारी, मुस्तकीम अंसारी, सुधीन अंसारी, कमरुद्दीन अली, कान्हू हांसदा, ऐतवारी मड़ैया, वरन सोरेन, नाइकी सोरेन, मन्नान अंसारी, एहसान अंसारी सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।