साहिबगंज
साहिबगंज जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य को बेहतर बनाने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज करने पर जोर दिया गया है। मंगलवार को सर्किट हाउस में भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बाढ़ राहत कार्य, नावों की उपलब्धता, पशुओं के लिए सुरक्षित स्थान और जमीन से जुड़े सर्वे कार्य सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। वहीं बैठक में राजमहल विधायक मो.ताजउद्दीन उर्फ एमटी राजा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते राहत कार्यों की तैयारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से बाढ़ के दौरान राहत कार्य में इस्तेमाल होने वाली नावों के नाविकों का भुगतान लंबित है। ऐसे में बाढ़ के समय नावों की उपलब्धता में परेशानी उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने नाविकों के बकाया भुगतान की व्यवस्था जल्द सुनिश्चित करने की मांग की।

ऊंचे चबूतरों का निर्माण कराना जरूरी
विधायक ने बाढ़ के दौरान मवेशियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए ऊंचे चबूतरों का निर्माण कराया जाना जरूरी है, ताकि आपदा के समय ग्रामीणों के साथ-साथ मवेशियों को भी सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जा सके। इस दौरान जमीन से जुड़े मामलों को लेकर भी चर्चा हुई। एमटी राजा ने ग्रामीण क्षेत्रों में रजिस्टर-टू में कथित छेड़छाड़ की शिकायतों की जांच कराने और आम लोगों को नियमित रूप से रसीद उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जमीन संबंधी रिकॉर्ड में पारदर्शिता और नियमित रसीद कटने की व्यवस्था से लोगों को जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। इसके अलावा सर्वे कार्य को गति देने और राजमहल में कैंप कार्यालय शुरू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों को राजस्व एवं सर्वे से संबंधित कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़े।

राजस्व एवं सर्वे से संबंधित समस्याओं के समाधान पर भी विशेष जोर
साहिबगंज उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने बताया कि नाविकों के बकाया भुगतान को लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी कर राज्य सरकार को भेजा गया है। राशि उपलब्ध होते ही नाविकों के लंबित भुगतान की पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए एसीओ के साथ पांच अतिरिक्त पदाधिकारी और कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इस पर मंत्री दीपक बिरुआ ने संबंधित अधिकारियों को कर्मचारी एवं पदाधिकारियों की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी पत्राचार के माध्यम से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में त्वरित पहल करते हुए कर्मचारियों को सर्वे कार्य के लिए प्रतिनियुक्त किया जाएगा। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के साथ ही राजस्व एवं सर्वे से संबंधित समस्याओं के समाधान पर भी विशेष जोर दिया।