logo

50 साल से पुल का इंतजार, प्रतिवर्ष बारिश में टूटता है झारखंड-बंगाल का संपर्क; लोग परेशान

a2424.jpg

साहिबगंज:

साहिबगंज-निशिंद्रा कटान पर बारिश के साथ जलजमाव की वजह से झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीत आवागमन प्रभावित हुआ है। पिछले कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश की वजह से NH-80 पर निसिंद्रा के पास पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। बरहरवा से फरक्का जाने वाला मुख्य मार्ग पिछले 24 घंटे से पूरी तरह बंद है। प्रतिवर्ष मानसून में यह समस्या होती है। गौरतलब है कि पिछले 50 साल से इस जगह पर एक स्थायी पुल की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार और प्रशासन के कानों में जूं नहीं रेंगती। गौरतलब है कि इसी मार्ग से होकर पत्थर के अलावा सब्जी और अनाज समेत अन्य वस्तुओं की ढुलाई होती है। यहां यातायात बाधित होने की वजह से लोगों को तिलडंगा से होकर वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करते हुए 5 किमी का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। 

स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी
गौरतलब है कि निसिंद्रा कटान के समीप स्थित उच्च विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए भी सड़क पर बहता पानी बड़ी परेशानी बन गया है। तेज बहाव के कारण कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले वर्ष भी स्कूल जाने के दौरान एक छात्र पानी की तेज धार में बह गया था। हालांकि काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। ऐसी घटनाओं के बावजूद हर साल बारिश के मौसम में निसिंद्रा कटान पर वही स्थिति दोहराती है, जिससे अभिभावकों और स्थानीय लोगों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।

राजनीति और जमीन विवाद में लटका पुल
स्थानीय लोगों का दावा है कि निसिंद्रा में झारखंड-बंगाल को जोड़ने वाले हाई लेवल पुल की मांग करीब 50 वर्षों से उठती रही है। लेकिन लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक खींचतान और जमीन से जुड़े विवादों के कारण पुल निर्माण की योजना आगे नहीं बढ़ सकी। लोगों का कहना है कि अब अस्थायी इंतजाम से समस्या का समाधान नहीं होगा। हर साल बारिश में सड़क बंद होने से जहां आम लोगों को परेशानी होती है, वहीं व्यापार और जरूरी सामानों की आपूर्ति भी प्रभावित होती है। ऐसे में निसिंद्रा कटान पर हाई लेवल पुल का निर्माण कराना ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।

Tags - Jharkhand NewsSahibganjWaterloggingBridge