logo

बाबूलाल मरांडी ने सरकार को लिखा पत्र, RINPAS निदेशक पद के विज्ञापन में नियमों की अनदेखी का आरोप

babulal_31.jpg

रांची 

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य के प्रतिष्ठित मनोचिकित्सा संस्थान RINPAS के निदेशक पद पर नियुक्ति के लिए प्रकाशित विज्ञापन में NMC द्वारा निर्धारित नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए अत्यंत गंभीर त्रुटियों का हवाला देते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने सरकार को कुछ सुझाव देते हुए माँग किया है कि RINPAS में निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु प्रकाशित कथित तौर पर त्रुटिपूर्ण विज्ञापन को तत्काल निरस्त किया जाए एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निदेशक पद नियुक्ति हेतु नई नियमावली को रद्द करते हुए NMC द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु दोबारा विज्ञापन निकाला जाय। बाबूलाल मरांडी ने राज्य के पुराने एवं प्रतिष्ठित संस्थान राँची तंत्रिका मनोचिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (RINPAS) के निदेशक पद पर नियुक्ति के लिए बीते 26 अगस्त को प्रकाशित विज्ञापन में अत्यंत गंभीर त्रुटियों का हवाला देते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने की बातें कहीं हैं। उन्होंने सरकार को लिखे पत्र में कहा है कि आप अवगत हैं कि ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान में कई वर्षों से प्रभारी निदेशक के द्वारा कार्य संचालन किया जा रहा है, जिसके कारण संस्थान को सुचारू, व्यवस्थित एवं बेहतर तरीके से संचालन में कई कठिनाईयाँ होती हैं क्योंकि प्रभारी निदेशक कई महत्वपूर्ण निर्णय खासकर वित्त संबंधित मामले में निर्णय लेने में सक्षम नहीं होते हैं।


    
उन्होंने प्रकाशित विज्ञापन में दो त्रुटियाँ बताई हैं
1.निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु विज्ञापन में शैक्षणिक योग्यता या अहर्त्ता का उल्लेख नहीं किया गया है, जो किसी भी प्रकार की नियुक्ति में सर्वप्रथम शर्त्त/नियम होता है। यह एक बड़ी त्रुटि है। 2. ऐसे संस्थानों में निदेशक, डीन या अधीक्षक जैसे पदों पर नियुक्ति हेतु भारतीय संसद द्वारा बनाए गए कानून के अनुसार NMC द्वारा निर्धारित योग्यताएँ, नियम व शर्त्तों का अनुपालन करना होता है। NMC द्वारा इन पदों पर नियुक्ति हेतु Medical Faculty वाले ही पात्र होते हैं, यह स्पष्ट उल्लेखित है। NMC द्वारा अधिसूचित गजट के पारा 5 में स्पष्ट रूप से अंकित है। नेता प्रतिपक्ष ने पत्र के जरिए कहा है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा RINPAS में निदेशक पद पर नियुक्ति के लिए 14 अक्टूबर 2024 को एक अलग नियमावली गठित कर अधिसूचना जारी कर दिया गया, जिसमें निदेशक पद पर गैर चिकित्सा संवर्ग (Non Medical Faculty) को भी शामिल कर दिया, जो अव्यवहारिक एवं अनुचित तो है ही साथ ही National Medical Council द्वारा स्थापित नियमों एवं उपनियमों के सर्वथा प्रतिकुल है।

NMC द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार निदेशक पद पर नियुक्ति हो 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जो नियमावली बनाई है, ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार संस्थान में किसी Non Medical Faculty को उक्त पद पर चयन कर अपना हित साधने का काम करेगी। मेरा सप्ष्ट मानना है और यह नियम भी है कि चिकित्सा संबंधित संस्थानों निदेशक कोई अनुभवी एवं वरिष्ठ चिकित्सक ही बने, लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस तरह के अव्यवहारिक एवं अनुचित लिए गए निर्णय से आपको अवगत कराया गया होगा या नहीं यह तो आपको पता होगा। इससे स्पष्ट होता है कि अपने मनपसन्द चहेते गैर मेडिकल संवर्ग के अधिकारी को निदेशक बनाकर संस्थान को लूटने की तैयारी कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार को सुझाव देते हुए माँग की है कि RINPAS में निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु प्रकाशित त्रुटिपूर्ण विज्ञापन को तत्काल निरस्त कर एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निदेशक पद नियुक्ति हेतु नई नियमावली को रद्द करते हुए NMC द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार निदेशक पद पर नियुक्ति हेतु पुनः विज्ञापन निकाला जाय ताकि संस्थान में निदेशक पद पर चिकित्सा सवंर्ग से योग्य, सक्षम, ईमानदार एवं प्रशासनिक दक्षता में निपुण अधिकारी का चयन हो सके। इससे संस्थान की गरिमा भी बनी रहेगी और रोगियों को बेहतर चिकित्सा की सुविधा मिल सकेगी।

Tags - Babulal Marandi Hemant Soren RINPAS National Medical Commission