रांची
झारखंड में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2,404 पदों शीघ्र बहाली होगी। जेपीएससी ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर बहाली के लिए न्यूनतम योग्यता में बदलाव किया गया है। जेपीएससी की ओऱ से कहा गया है कि एक जुलाई 2023 तक यानी कोरोना काल के समय तक पीएचडी की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए अब नेट औऱ जेट न्यूनतम योग्यता होगी। पीएचडी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए नेट और जेट से छूट दी गयी है। जेपीएससी नियुक्ति के लिए जल्दी ही विज्ञापन प्रकाशित करेगी।

ये संशोधन भी किये गये हैं
झारखंड सरकार से मिली जानकारी के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर के लिए कुल स्वीकृत पद का एक चौथाई पद प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया से भरा जायेगा। एसोसिएट प्रोफेसर पद पर बहाली के लिए कम से कम तीन साल की नियमित सेवा का अनुभव होना जरूरी करार दिया गया है। इसी तरह प्रोफेसर पद पर बहाली के लिए भी कुल स्वीकृत पद की एक चौथाई सीट प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरी जायेगी। प्रोफेसर पद पर बहाली के लिए कम से कम चार साल की नियमित सेवा का अनुभव जरूरी होगा। बता दें कि प्रतिनियुक्ति पर तभी बहालियां होंगी जब सीधी नियुक्ति से अपेक्षित पद नहीं भरे जायेंगे। इसी के साथ झारखंड सरकार ने शिक्षकों को प्रोमोशन देने के लिए ओरिएंटेशन औऱ रिफ्रेशर कोर्स के समय को आगामी 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। इस आशय का पत्र संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया है।

प्रतिनियुक्ति के लिए ये हैं शर्तें
झारखंड सरकार प्रतिनुयिक्ति पर बहाली में झारखंड के बाहर के विश्वविद्यालय या केंद्रीय विश्वविद्यालय के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देगी। झारखंड के विश्वविद्यालयों के शिक्षक प्रतिनियुक्ति का लाभ नहीं उठा पायेंगे। प्रतिनियुक्ति के माध्यम से पांच साल के लिए शिक्षक बहाल होंगे। पांच साल की सेवा के बाद इनकी अवधि को अगले पांच साल के लिए फिर से बढाया जायेगा। प्रतिनिक्ति शिक्षकों के लिए आयु सीमा अधिकतम 62 साल निर्धारित की गयी है। झारखंड सरकार की ओऱ से कहा गया है कि प्रतिनियुक्ति पर बहाल शिक्षकों को मूल वेतना का दस फीसद औऱ अधिक से अधिक नौ हजार रुपेय मासिक भत्ता दिया जायेगा। नये संशोधन के अनुसार प्रतिनियुक्तियां विश्वविद्यालय चयन समिति की निगरानी में होंगी। इन पदों पर बहाली के लिए पूरे साल आवेदन लिया जायेगा।
