जामताड़ा:
'फॉलोअप' की खबर का एक बार फिर बड़ा और सकारात्मक असर देखने को मिला है। जामताड़ा को देवघर से जोड़ने वाली दक्षिण बहाल जोरिया पर 1.80 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बने डायवर्जन और एप्रोच मार्ग के जर्जर होने संबंधी समाचार प्रकाशित होते ही जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग तुरंत हरकत में आ गया। खबर सामने आने के अगले ही दिन, यानी गुरुवार को आनन-फानन में क्षतिग्रस्त डायवर्सन पर चढ़ने से पहले अप्रोच रोड का मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया।
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पहली बारिश में ही बह गई थी एप्रोच रोड की मिट्टी
गौरतलब है कि फॉलोअप ने बुधवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर उजागर किया था कि महज 6 महीने पहले करीब 1.80 करोड़ की लागत से तैयार यह एप्रोच मार्ग और डायवर्सन पुल पहली ही बारिश का थपेड़ा नहीं सह सका। मंगलवार से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जोरिया उफान पर आ गई, जिससे जामताड़ा की ओर पुल पर चढ़ने से ठीक पहले एप्रोच रोड के नीचे की मिट्टी बह गई थी और सड़क अंदर से खोखली हो गई थी।

अधिकारियों की मौजूदगी में शुरू हुई मरम्मत
खबर के प्रसार के बाद गुरुवार को पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी विक्की रवीस मुर्मू, सहायक अभियंता और कनीय अभियंता दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की देखरेख में तत्काल मरम्मत का काम शुरू कराया गया। मामले पर जानकारी देते हुए पदाधिकारी विक्की रवीस मुर्मू ने बताया कि लगातार मूसलाधार बारिश की वजह से डायवर्जन पर जलस्तर काफी बढ़ गया था। पानी पुल के ऊपर से लगभग 2 फीट की ऊंचाई पर बह रहा था, जिसके तेज बहाव में किनारे की भुरभुरी मिट्टी बह गई।
विभाग ने तुरंत सफाई अभियान चलाकर प्रभावित हिस्से में बालू से भरी बोरियां डालना शुरू कर दिया है ताकि आगे कटाव न हो। साथ ही डायवर्सन के मुहाने पर फंसी झाड़ियों और पेड़ की डालियों को हटाकर पानी की निकासी बहाल कर दी गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभाग की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।