द फॉलोअप डेस्क
राज्य सरकार ने वीआईपी और वीवीआईपी उड़ानों के लिए फिर रेड बर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड को ही कांट्रैक्ट विस्तार दिया है। रेड बर्ड को छह महीने के लिए कांट्रैक्ट विस्तार दिया गया है। 12 मार्च को कैबिनेट की बैठक में बनी सहमति के बाद विभाग ने 16 मार्च को प्रोसिडिंग स्वीकृत कर दिया है। इसमें उन सभी 40 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गयी है जिसकी उस दिन विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना डाडेल ने कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी दी थी। इस तरह स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का यह दावा झूठा निकला जिसमें उन्होंने कहा था किरेडबर्ड एयरवेज को एक्सटेंशन देने का प्रस्ताव होल्ड कर दिया गया है। उन्होंने यह बात 14 मार्च को विधानसभा में भी कही थी। साथ ही विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए भी दुहरायी थी। इस तरह विधानसभा और मीडिया को गुमराह करने का उनका प्रयास असफल साबित हुआ है। मालूम हो कि द फॉलोअप ने इस खबर को प्रमुखता से चलाया था कि जिस रेडबर्ड एयरवेज का एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हुआ, उसी कंपनी को वीआईपी उड़ान संचालित करने की जिम्मेदारी दी गयी है।
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कांट्रैक्ट विस्तार वित्त विभाग के नियमावली को शिथिल करते हुए दिया गया है। यहां मालूम हो कि किसी भी बड़े काम के लिए टेंडर करने का प्रावधान है। लेकिन सरकार ने अपने विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए कैबिनेट की स्वीकृति लेते हुए रेड बर्ड को कांट्रैक्ट विस्तार दिया गया है। पूर्व में भी वीआईपी और वीवीआईपी उड़ानों के लिए रेड बर्ड के साथ राज्य सरकार का कांट्रैक्ट था। यह कांट्रैक्ट 5 नवंबर 2025 को समाप्त हो चुका था। हालांकि उसके बाद भी रेड बर्ड ही वीआईपी उड़ान की सेवा उपलब्ध कराते आ रहा था।

कैबिनेट द्वारा गुरुवार को दी गयी स्वीकृति के अनुसार रेड बर्ड वीआईपी और वीवीआईपी उड़ानों के लिए एक टर्बो प्रॉप ट्वीन इंजन (B-250/B-200)GT विमान उपलब्ध कराएगा। यह टू प्लस फाइव सीटर होगा। इसके लिए राज्य सरकार प्रति घंटा 1.60 लाख रुपए की राशि का भुगतान करेगी। लेकिन उड़ान नहीं भी भरने पर कंपनी को प्रति माह न्यूनतम 60 घंटे का भुगतान किया जाएगा। कंपनी को प्रति माह अधिकतम 96 लाख और छह महीने के लिए 5.76 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। यहां मालूम हो कि रेड बर्ड एयरवेज का ही एयर एंबुलेंस 23 फरवरी को लातेहार के पास चतरा के जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें मरीज सहित सभी सात लोगों की मृत्यु हो गयी थी।
