द फॉलोअप डेस्क, रांची:
रांची की विशेष CBI अदालत ने वर्ष 2022-2026 तक कुल 86 मुकदमों में अपना अंतिम निर्णय सुनाया है। केंद्रीय जांच एजेंसी CBI का पक्ष प्रभावी तरीके से रखकर अभियोजन पक्ष ने 74 मुकदमों में सफलता हासिल की। इन 74 मुकदमों में आरोपियों को दोषी करार देकर सजा सुनाई गई है। निष्पादित मामलों में 3 मुकदमे कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस लिए गये, क्योंकि मामला काफी पुराना था और मुख्य आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। कोर्ट द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस समय रांची के विशेष सीबीआई अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग और ट्रैप केस के अलावा क्रिमिनल केस मिलाकर कुल 245 मामले विचाराधीन हैं।

कई हाई-प्रोफाइल मामलों में ट्रायल पूरा किया
वर्ष 2022 से लेकर 2026 के बीच में सीबीआई अदालत ने कई बहुचर्चित और हाई-प्रोफाइल मामलों में ट्रायल पूरा करके फैसला दिया है। सभी महत्वपूर्ण मामलों में विशेष लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह और खुश्बू जायसवाल ने अदालत में प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखा है।
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इन चर्चित मामलों में CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला
प्रमुख फैसले जिनमें कोर्ट ने फैसला सुनाया, उनमें हजारीबाग के रुपेश पांडेय मॉब लिंचिंग केस में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। पूर्व मंत्री एनोस एक्का से जुड़े CNT एक्ट उल्लंघन मामले में सजा हुई। पूर्व मंत्री बंधु तिर्की से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सजा सुनाई गई। नेशनल शूटर तारा शाहदेव के धर्मांतरण और प्रताड़ना मामले में सजा सुनाई गई। JPSC के पूर्व अध्यक्ष दिलीप कुमार से जुड़े मशीन खरीद घोटाला मामले में सजा सुनाई गई।