रांची
जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक रांची सदर अनुमंडल क्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास, लोकभवन, झारखंड हाईकोर्ट, विधानसभा और प्रोजेक्ट भवन समेत कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह आदेश 4 नवंबर 2026 या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। मिली खबर के मुताबिक अनुमंडल पदाधिकारी, रांची सदर की ओर से यह आदेश सरकारी कामकाज और यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए जारी किया गया है। आदेश के मुताबिक धरना, प्रदर्शन, घेराव, जुलूस और रैली के कारण इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यवधान उत्पन्न होने की संभावना है।

बिना अनुमति सभा और प्रदर्शन पर रोक
निषेधाज्ञा लागू रहने के दौरान संबंधित क्षेत्रों में बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली अथवा सभा आयोजित करने पर रोक रहेगी। इसके साथ ही बिना अनुमति लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन का उद्देश्य महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम लोगों और सरकारी कर्मचारियों की आवाजाही को सुचारु रखना है। निषेधाज्ञा वाले क्षेत्रों में किसी भी तरह के हथियार लेकर चलने पर रोक रहेगी। बंदूक, राइफल, पिस्टल, बम और बारूद जैसे हथियारों के साथ-साथ लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला और गड़ासा जैसे पारंपरिक हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा।
अलग-अलग क्षेत्रों में अलग दायरा तय
प्रशासन ने विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों के आसपास निषेधाज्ञा का अलग-अलग दायरा निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री आवास के 100 मीटर, लोकभवन के 100 मीटर और झारखंड हाईकोर्ट के 100 मीटर के दायरे में प्रतिबंध लागू रहेगा। वहीं विधानसभा के आसपास 750 मीटर और नेपाल हाउस के 150 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी। इसके अलावा प्रोजेक्ट भवन, टेलीफोन भवन, हंड्रेड बिल्डिंग और पुलिस मुख्यालय के आसपास 200 मीटर तक का क्षेत्र भी निषेधाज्ञा के दायरे में रखा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित क्षेत्रों में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी किए गए आदेश का पालन करना आवश्यक होगा।
