डेस्क:
अग्निपथ स्कीम के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच रक्षा मंत्रालय ने रविवार को एक प्रेस वार्ता बुलाई। इस प्रेस वार्ता में अग्निपथ स्कीम के बारे में विस्तृत जानकारी देने का प्रयास किया गया। सेना के अधिकारियों ने ये भी समझाने का प्रयास किया कि इस स्कीम का उद्देश्य और इसके फायदे क्या हैं। सेना के अधिकारियों का कहना है कि अग्निपथ कोई अचानक लाई गई योजना नहीं है बल्कि लंबे समय से इसकी तैयारी थी। ये सेना में मूलभूत सुधार की दिशा में उठाया गया कदम है।
The announcements regarding the reservations for 'Agniveers' announced by the different ministries and departments was pre-planned and not in reaction to the arson that happened after Agnipath scheme announcement: Lt Gen Puri pic.twitter.com/KrqGBOLaHd
— ANI (@ANI) June 19, 2022
लंबे समय से लंबित था सैनिक सुधार
सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि ये सुधार लंबे समय से लंबित था। हम इस सुधार के जरिए सेना में युवाशक्ति और अनुभव का समावेश करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि आज बड़ संख्या में सेना के जवान 30 की उम्र में हैं। अधिकारियों को पहले की तुलना में बहुत बाद में कमान मिलती है। हम चाहते हैं कि सेना में अधिक से अधिक युवा हों। उन्होंने कहा कि हम युवाओं को बताना चाहते हैं कि ये उनके लिए सुनहरा मौका है। '

हजारों जवान लेते हैं सेवानिवृत्ति
4 साल के कार्यकाल को लेकर जारी विरोध तथा भविष्य की अनिश्चिता के सवाल पर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि प्रत्येक साल तकरीबन 17 हजार 600 जवान समय से पहले ऐच्छिक सेवानिवृत्ति ले रहे हैं। कभी भी किसी ने उनसे पूछने की कोशिश नहीं कि वे सेवानिवृत्ति के बाद वे क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि मंत्रालय युवाओं को कई मौके दे रही है।