रांची
झारखंड में 23 फरवरी को होने वाले निकाय चुनाव को लेकर हर बूथ पर व्यवस्थाएं तय कर दी गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक पीठासीन पदाधिकारी के साथ चार मतदान अधिकारी तैनात रहेंगे। सभी की जिम्मेदारियां अलग-अलग निर्धारित की गई हैं।
बूथ में प्रवेश करते ही सबसे पहले मतदाता प्रथम मतदान अधिकारी के पास जाएगा। यह अधिकारी मतदाता सूची की चिह्नित प्रति का प्रभारी होगा और पहचान की पुष्टि करेगा। यदि किसी मतदाता की उंगली पर पहले से अमिट स्याही लगी पाई गई या स्याही मिटाने की कोशिश दिखी, तो उसे मतदान की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके बाद द्वितीय मतदान अधिकारी मतदाता के बाएं हाथ की तर्जनी की जांच करेगा। संतुष्ट होने पर नाखून के ऊपर अमिट स्याही इस तरह लगाई जाएगी कि उसका स्पष्ट निशान रहे। स्याही सूखने तक इंतजार कराया जाएगा।

बैलेट पेपर की जिम्मेदारी अलग-अलग
अमिट स्याही लगने के बाद मतदाता तृतीय मतदान अधिकारी के पास जाएगा। यह अधिकारी वार्ड पार्षद चुनाव के बैलेट पेपर का प्रभारी होगा। वह मतदाता का हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लेकर बैलेट जारी करेगा और क्रमांक दर्ज करेगा।
इसके बाद मतदाता गुलाबी पर्ची के साथ चतुर्थ मतदान अधिकारी के पास जाएगा। यह अधिकारी महापौर या अध्यक्ष पद के लिए बैलेट पेपर देगा। यहां भी हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लिया जाएगा।

पीठासीन पदाधिकारी की अहम भूमिका
पूरी प्रक्रिया की निगरानी पीठासीन पदाधिकारी करेंगे। वे मतदान केंद्र के समग्र प्रभारी होंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदान शांतिपूर्ण और नियमों के अनुसार संपन्न हो। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा, ताकि निकाय चुनाव निष्पक्ष ढंग से पूरे हो सकें।
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