धनबाद:
कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों तो आर्थिक अभाव भी मंजिल की राह नहीं रोक सकता। धनबाद की भूदा बस्ती की रहने वाली दिहाड़ी मजदूर की बेटी पूनम कुमारी ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया है। SSLNT सीएम उत्कृष्ट गर्ल्स विद्यालय की छात्रा रही पूनम ने नीट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर अपने परिवार, स्कूल और पूरे धनबाद का नाम रोशन किया है।
गरीबी नहीं, प्रतिभा बनती है पहचान। ✨
— DC Dhanbad (@dc_dhanbad) July 21, 2026
दिहाड़ी मजदूर की बेटी से डॉक्टर बनने की उड़ान! ✨#सीएम_स्कूल_ऑफ_एक्सीलेंस की छात्रा #पूनम ने #NEET में शानदार सफलता हासिल कर मेहनत, शिक्षा और सपनों की नई मिसाल कायम की।
माननीय मुख्यमंत्री जी के शिक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को साकार… pic.twitter.com/xjdr7dLabn
पूनम कुमारी ने हासिल किया 99.13 पर्सेंटाइल
धनबाद की रहने वाली पूनम कुमारी ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में 582 अंक, 99.1375 परसेंटाइल और ऑल इंडिया रैंक 16,972 हासिल की है। पूनम के पिता धरमू गोराई दिहाड़ी मजदूर हैं, जबकि मां पीपू देवी गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के बावजूद पूनम ने लगातार मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। इससे पहले वह सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से पढ़कर सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में 97.4 प्रतिशत अंक लाकर धनबाद जिला टॉपर भी रह चुकी हैं।

जिला प्रशासन वहन करेगा पढ़ाई का खर्चा
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने आज पूनम को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में नीट में सफलता हेतु सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के युवाओं के शिक्षा के प्रति समर्पण को आगे बढ़ाने हेतु बच्ची की एडमिशन से लेकर डॉक्टर बनने तक की पूरी पढ़ाई का खर्च जिला प्रशासन वहन करेगी। ताकि पैसे के अभाव में सरकारी विद्यालय के बच्चे शिक्षा से वंचित ना रहे। उपायुक्त ने पूनम को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

भविष्य में कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती है पूनम
पूनम का सपना भविष्य में कार्डियोलॉजिस्ट बनकर जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दिया। पूनम की इस उपलब्धि से पूरे परिवार के साथ साथ धनबाद जिला में खुशी का माहौल है। पूनम ने कहा कि पिता की आर्थिक स्थिति के कारण उन्होंने सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में नामांकन कराया, जहां शिक्षकों का बेहतर मार्गदर्शन, सीबीएसई पैटर्न में पढ़ाई और झारखंड सरकार से मिली सुविधाओं के बदौलत आज नीट में सफलता प्राप्त की है। इस सफलता के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच का नतीजा है
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की शिक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि आज राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा सुलभ हो रही है। सरकार के इन निरंतर प्रयासों से राज्य के उन परिवारों में एक नई उम्मीद जगी है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों को महंगे निजी स्कूलों में भेजने में असमर्थ थे।
राज्य सरकार का यह कदम केवल शिक्षा का स्तर सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता के जरिए झारखंड का शिक्षा मॉडल आज देश भर के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है।