गढ़वा
गढ़वा जिले के रमना थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंतरराज्यीय शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। बहियार खुर्द मोड़ के पास भैंस से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हुई स्कॉर्पियो की जब जांच की गई, तो गाड़ी में बने गुप्त तहखाने का राज खुल गया। तहखाने से यूपी निर्मित 810 पैकेट फ्रूटी शराब बरामद हुई है। हैरानी की बात ये है कि तस्करी में इस्तेमाल स्कॉर्पियो पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। पुलिस ने मौके से चालक को गिरफ्तार किया है, जबकि अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। पुलिस ने जब स्कॉर्पियो नंबर BR05PA 6347 की जांच शुरू की, तो वाहन के कागजात, रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस-इंजन नंबर में अंतर मिला।
.jpeg)
शराब की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपये से अधिक
शक गहराया तो थाना प्रभारी आकाश कुमार और एसआई जयप्रकाश गुप्ता ने गाड़ी की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान सीटों के नीचे खास तरीके से बनाया गया गुप्त तहखाना मिला। तहखाना खुलते ही पुलिस के होश उड़ गए। इसके अंदर यूपी निर्मित 180 एमएल के 810 पैकेट फ्रूटी शराब छिपाकर रखी गई थी। बरामद शराब की कुल मात्रा 145.8 लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। पुलिस के मुताबिक शराब की खेप यूपी के ओबरा से बिहार के हाजीपुर ले जाई जा रही थी। पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है।

यूपी से बिहार तक फैले नेटवर्क की पड़ताल
पुलिस के हत्थे चढ़े चालक की पहचान बिहार के समस्तीपुर जिले के 25 वर्षीय रोहित कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि शराब ओबरा के अविनाश जायसवाल ने लोड कराई थी और इसे हाजीपुर के आलू सिंह तक पहुंचाना था। इस काम में समस्तीपुर का मोनू कुमार भी उसका सहयोगी था। पुलिस के अनुसार रोहित पहले भी पलामू में कंटेनर से 155 पेटी शराब की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। अब पुलिस वाहन मालिक की पहचान के साथ ही यूपी से बिहार तक फैले इस पूरे अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है।