जामताड़ा
पुलिस की मौजूदगी में अगर सरेआम लूटपाट और तोड़फोड़ होने लगे, तो आम जनता न्याय के लिए कहां जाए? ऐसा ही मामला जामताड़ा थाना क्षेत्र के बेवा धनबाद गांव से सामने आया है. आरोप है कि यहां दबंगों ने पुलिस के सामने ही एक निर्माणाधीन मकान की चारदीवारी ढहा दी और दुकान से लाखों का सामान लूट लिया. पीड़ित प्रफुल्ल मंडल ने शनिवार को जामताड़ा SP से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई. SP को दिए आवेदन में प्रफुल्ल ने बताया कि 21 मई को दोपहर करीब 2:00 बजे स्थानीय निवासी नायका हेमरम की अगुवाई में 100 से 150 लोग लाठी-डंडों से लैस होकर उनके घर और दुकान पर पहुंचे. आरोप है कि भीड़ ने देखते ही देखते दुकान में रखा करीब दो लाख रुपये का सामान लूट लिया और वहां बन रही चारदीवारी को पूरी तरह से मलबे में तब्दील कर दिया.
मूकदर्शक बनी रही पुलिस, अब तक मामला नहीं हुआ दर्ज
प्रफुल्ल मंडल के अनुसार, घटना की सूचना तुरंत जामताड़ा थाना को दी गई थी. मौके पर पुलिस पहुंची भी, लेकिन वह मूकदर्शक बनी रही. पुलिस की मौजूदगी में ही उपद्रवी उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते और लूटते रहे. हैरानी की बात यह है कि घटना के दिन ही जामताड़ा थाने में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया. थक-हारकर पीड़ित परिवार को एसपी की चौखट पर जाना पड़ा. पीड़ित ने आवेदन के साथ घटना के वीडियो और तस्वीरें भी सौंपी हैं, जिसमें भीड़ साफ तौर पर तोड़फोड़ करती दिख रही है.
पीड़ित परिवार को SP ने SDPO से मिलने को कहा
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित परिवार को जामताड़ा एसडीपीओ से मिलने के निर्देश दिए. इसके बाद परिजनों ने एसडीपीओ से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई. एसडीपीओ ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
