रांची
यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या और भीड़ प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए रांची रेलवे स्टेशन को आधुनिक होल्डिंग एरिया बनाने की योजना में तैयारी तेज हो गई है। स्टेशन के नॉर्थ साइड मुख्य द्वार के पास लगभग 12 करोड़ रुपए की लागत से एक अत्याधुनिक 'होल्डिंग एरिया' विकसित किया जाएगा। लगभग 1920 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाले इस लाउंज की क्षमता करीब 2250 यात्रियों की होगी, जहां एक ही छत के नीचे प्री-टिकटिंग से लेकर पोस्ट-टिकटिंग तक की तमाम विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का सर्वे पूरा कर प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया गया है और मंजूरी मिलते ही अगस्त-सितंबर से इसका निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। 
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर विशेष फोकस
रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणानिधि सिंह और सीनियर डीसीएम श्रेया सिंह के मुताबिक, स्टेशन पर प्रतिदिन औसतन 60 हजार यात्रियों का आवागमन होता है, जो त्योहारों और परीक्षाओं के दौरान 80 हजार तक पहुंच जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे होल्डिंग एरिया को सीसीटीवी की चौबीसों घंटे निगरानी में रखा जाएगा। यात्रियों की सहूलियत के लिए इस पूरे परिसर को तीन प्रमुख जोन (प्री-टिकटिंग, टिकटिंग और पोस्ट-टिकटिंग) में बांटा गया है, जहां 12 टिकट काउंटर, 4 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन और लगेज स्कैनर जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं मौजूद रहेंगी।
जून 2026 तक शुरू होगा सेंसर युक्त 'साउथ गेट'
स्टेशन के आधुनिकीकरण के तहत साउथ गेट का लगभग 90% काम पूरा हो चुका है, जिसे जून 2026 तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य है। साउथ साइड को बिल्कुल एयरपोर्ट जैसी तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जिसका मुख्य गेट पूरी तरह सेंसर आधारित होगा। इसके चालू होते ही प्लेटफॉर्म नंबर-6 को भी पूरी तरह से फंक्शनल कर दिया जाएगा और फिर नॉर्थ गेट के पुनर्निर्माण का काम रफ्तार पकड़ेगा। पांच वर्षों में यात्रियों की संख्या 25 हजार से बढ़कर 60 हजार पहुंचने के कारण रांची स्टेशन को पूरी तरह से भविष्य के अनुकूल बनाया जा रहा है।