द फॉलोअप डेस्क
पाकुड़ जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत गोसाईपुर गांव में ग्रामीणों और गांव के प्रधान पाउल हेंम्ब्रम के बीच विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) पाकुड़ को लिखित आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान पाउल हेंम्ब्रम गांव की जमीन को गलत तरीके से बेच रहे हैं और गांववासियों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रधान न तो किसी जनसमस्या का समाधान करते हैं और न ही विकास कार्यों में रुचि लेते हैं। इसके अलावा, ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पाउल हेंम्ब्रम ने अवैध तरीके से ग्रामीण प्रधानी का पट्टा हासिल किया है। मामले को और गंभीर बनाते हुए ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि पाउल हेंम्ब्रम गोसाईपुर गांव के मूल रैयत (स्थायी निवासी) भी नहीं हैं, जिसके बावजूद वे प्रधान पद पर बने हुए हैं। ग्रामीणों ने संथाल समाज की आस्था से जुड़े पूजा स्थल ‘जाहिर थान’ को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया है।

उनका कहना है कि प्रधान ने वहां स्थित साल के पेड़ को कटवाकर भेज दिया, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था। वहीं शिकायत मिलने के बाद पाकुड़ अंचल के अंचल निरीक्षक (सीआई) अपनी टीम के साथ जांच के लिए गोसाईपुर गांव पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में आदिवासी महिला और पुरुष मौजूद रहे और अपनी-अपनी बातें रखीं। अंचल निरीक्षक ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों की बात सुनना आवश्यक है, इसलिए एकतरफा निर्णय नहीं लिया जा सकता। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोनों पक्षों की पूरी बात सुनने और तथ्यों की जांच के बाद ही उचित निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल, गांव में इस मुद्दे को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण प्रशासन से जल्द निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए हैं।
