पाकुड़
झारखंड सरकार द्वारा किसानों के साथ किए गए वादों से मुकरने और विश्वासघात के विरोध में भाजपा ने बुधवार को पाकुड़ प्रखंड कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा के दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में शामिल हुए।
सरकार पर दागी सवालों के तीर
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा नेता बाबूधन मुर्मू ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार चुनाव पूर्व किए गए वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा, "सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 3200 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया था, जो आज तक धरातल पर नहीं उतरा।
मुर्मू ने राज्य में खाद और अनाज की बढ़ती कालाबाजारी पर चिंता व्यक्त की। साथ ही ओलावृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद हुई फसलों का किसानों को उचित मुआवजा न मिलने पर भी सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि आज राज्य का किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
नहीं चेती सरकार, तो होगा उग्र आंदोलन
भाजपा नेता अमृत पांडेय ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह धरना सरकार को उसके वादों की याद दिलाने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने अविलंब किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो भाजपा आगामी दिनों में इसे और अधिक उग्र आंदोलन का रूप देगी।
राज्यपाल के नाम सौंपा 12 सूत्री ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों से संबंधित 12 सूत्री मांग पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) समीर अल्फ्रेड मुर्मू को सौंपा। पार्टी नेताओं ने राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग करते हुए किसानों को राहत दिलाने का आग्रह किया है।