द फॉलोअप डेस्क
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झारखंड के द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती के अवसर पर भगवान बिरसा संदेश यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातु, खूंटी से प्रारंभ होकर देहरादून में आयोजित हो रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में 27 नवंबर को पहुंचेगी।
यात्रा के संबंध में जानकारी देते हुए अभाविप झारखंड के प्रदेश मंत्री मनोज सोरेन ने बताया कि 15 नवंबर को उलिहातु में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह- संगठन मंत्री गोविंद नायक और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष आर्यनमान विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
इसके पश्चात यात्रा झारखंड के चक्रधरपुर, सरायकेला, जमशेदपुर सहित कई जिलों से होते हुए उत्तराखंड के लिए रवाना होगी। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्वागत समारोह, खुले मंच पर कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। यात्रा 27 नवंबर को राष्ट्रीय अधिवेशन में पहुंचेगी, जहां इसका भव्य स्वागत किया जाएगा और अधिवेशन के दौरान यह रथ आकर्षण का केंद्र बना रहेगा। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से आए प्रतिनिधियों को बिरसा मुंडा के संघर्ष, जनजातीय समाज के प्रति उनके योगदान, वीरता की उनकी गाथाएँ और झारखंड की सभ्यता और संस्कृति को करीब से जानने और समझने का अवसर मिलेगा।
अभाविप झारखंड के जनजातीय छात्र कार्य प्रमुख डब्लू भगत ने कहा कि यह यात्रा झारखंड के कई जिलों में ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के भी कई जिलों में पहुंचेगी। यात्रा के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भगवान बिरसा संदेश यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को बिरसा मुंडा जी के संघर्ष और योगदान के बारे में बताना और यह समझाना है कि किस प्रकार एक युवक, जिसकी आयु केवल 25 वर्ष थी, ने अपने शौर्य और पराक्रम से न केवल ब्रिटिश सरकार के नींव हिला दी, बल्कि जनजातीय समाज के उत्थान के लिए भी क्रांतिकारी कार्य किए। इस यात्रा के माध्यम से देशवासियों के बीच बिरसा मुंडा के जीवन और उनके योगदान को प्रदर्शित करना अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रमुख लक्ष्य है।
