द फॉलोअप डेस्क
झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर इस वर्ष राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस मौके को यादगार बनाने के लिए रांची के मोरहाबादी मैदान में 15 और 16 नवंबर को दो दिवसीय भव्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि 15 नवंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 2 बजे से होगी। वहीं, 16 नवंबर को पहली बार झारखंड में ‘जतरा’ का आयोजन किया जाएगा, जो डोरंडा से शुरू होकर कचहरी चौक होते हुए जेल पार्क में समाप्त होगी। इस जतरा में करीब 4000 कलाकार शामिल होंगे। इसके अलावा, 16 नवंबर की शाम मोरहाबादी में भव्य ड्रोन शो का आयोजन होगा, जिसमें बिरसा मुंडा की जीवनी और झारखंड की समृद्ध संस्कृति को आकर्षक दृश्यों के माध्यम से दिखाया जाएगा।
दूसरे दिन आयोजित होने वाले महोत्सव में झारखंड सरकार के सभी विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां आम जनता को सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और नई पहलों की जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जो राज्य के संघर्ष और आंदोलन की कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगी। इसके साथ ही एक इमर्सिव ज़ोन भी बनाया जा रहा है, जहां दर्शक झारखंड की संस्कृति, विकास और विरासत से जुड़े विषयों पर इंटरैक्टिव फिल्में और प्रेजेंटेशन देख सकेंगे। इस एग्जीबिशन और इमर्सिव ज़ोन की तैयारी की समीक्षा सूचना भवन सभागार में आयोजित बैठक में कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी की अध्यक्षता में की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के नोडल पदाधिकारी मौजूद थे।

स्थापना दिवस पर लोगों की भीड़ को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी विशेष योजना तैयार की है। डीसी भजंत्री ने बताया कि राजधानी में लगभग 8000 पुलिस बल को तैनात किया जाएगा, जिनमें 2000 महिला और 6000 पुरुष कर्मी शामिल होंगे। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा ताकि आम लोगों को असुविधा न हो। मोरहाबादी और उसके आसपास के क्षेत्रों में पार्किंग और प्रवेश मार्गों की भी नई व्यवस्था बनाई जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि समारोह के दौरान सुरक्षा और यातायात दोनों सुचारू रूप से संचालित हों।
इसके अलावा, स्थापना दिवस को यादगार बनाने के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर वाल पेंटिंग की जा रही है, जिसमें झारखंड की संस्कृति और वीरों की झलक देखने को मिलेगी। महोत्सव के दौरान प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झारखंड के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाले आयोजन भी होंगे। राज्य सरकार ने इस रजत जयंती वर्ष को झारखंड के गौरव, परंपरा और प्रगति के प्रतीक के रूप में मनाने की तैयारी की है। यह समारोह न सिर्फ राज्य के अतीत की गौरवगाथा को उजागर करेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में झारखंड के विकास के विज़न को भी जनता के सामने प्रस्तुत करेगा।