रांची:
जमशेदपुर के कदमा निवासी होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिलने की सूचना है। सूत्रों के अनुसार, हत्या के मुख्य साजिशकर्ता, एक शूटर समेत चार से पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हत्याकांड को अंजाम देने वाले एक अन्य शूटर समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस हत्याकांड में अब तक करीब पांच से सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें एक उत्तर प्रदेश का शूटर भी शामिल है। हालांकि, इन गिरफ्तारियों और हत्याकांड के पूरे खुलासे की पुलिस की ओर से अब तक कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है।

25 लाख रुपये की सुपारी
सूत्र बताते हैं कि जांच में सामने आ रही कड़ियों के मुताबिक, निखार की हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत की गयी थी। हत्या से पहले यूपी से तीन शूटर जमशेदपुर पहुंचे थे। उन्होंने कई दिनों तक निखार की गतिविधियों की रेकी की, लेकिन मौका नहीं मिलने पर वे वापस लौट गये। इसके बाद दोबारा शूटरों को बुलाकर हत्या की योजना को अंजाम दिया गया। हत्या के लिए करीब 25 लाख रुपये की सुपारी पहले और बाद में भी दिये जाने की बात भी पुलिस अनुसंधान में सामने आयी है। हत्याकांड को अंजाम देने के लिए शूटरों के साथ-साथ एक आई-10 कार और एक बाइक की भी व्यवस्था पहले से की गयी थी। बाइक को कथित तौर पर सेकेंड हैंड खरीदा गया था और निखार की रेकी के दौरान उसका इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने इस बाइक को बरामद कर लिया है। वहीं, शूटरों द्वारा इस्तेमाल की गयी कार रांची के मेसरा इलाके में लावारिस हालत में बरामद होने की बात सामने आयी थी।
सिंटू सिंह बताया जा रहा मुख्य साजिशकर्ता
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अनुसंधान में मानगो निवासी अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह की भूमिका मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आयी है। कहा जा है कि उसने ही शूटरों से संपर्क किया, उन्हें निखार की रेकी और हत्या के लिए तैयार किया तथा वारदात के बाद उनके भागने की पूरी व्यवस्था में भी बड़ी भूमिका निभायी। शनिवार देर रात मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे कानपुर के आसपास से पकड़े जाने की जानकारी है। सूत्र बताते हैं सिंटू सिंह का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ फायरिंग, रंगदारी और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज होने की बात सामने आयी है। वह पूर्व में मानगो के अपराधी गुड्डू पांडेय के संपर्क में था। बाद में दोनों के बीच विवाद हुआ और सिंटू ने अपने साथियों के साथ गुड्डू पांडेय के घर पर फायरिंग भी की थी। जेल से बाहर आने के बाद उसके कथित तौर लेट अखिलेश सिंह गिरोह से संपर्क में आने की बात भी जांच में सामने आयी है।
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पुराने आपराधिक नेटवर्क से जुड़ रही कड़ियां
सूत्र बताते हैं कि जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि हत्याकांड में गिरफ्तार कुछ आरोपी पूर्व में धनबाद में एक बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम दे चुके हैं। बताया जा रहा है कि ये आरोपी पहले दुमका जेल में बंद थे। जेल में और बाहर निकलने के बाद उनकी मुलाकात कथित तौर पर अखिलेश सिंह गिरोह से जुड़े लोगों से हुई और इसी नेटवर्क के जरिए निखार हत्याकांड की साजिश आगे बढ़ी। हत्याकांड की जांच में जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां पुलिस की टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर काम कर रही हैं। इस मामले की पूरी मॉनिटरिंग खुद कोल्हान के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा कर हैं। मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, संदिग्धों की गतिविधियों और वाहनों की खरीद-बिक्री की जांच से पुलिस साजिश की सभी कड़ियां जोड़ रही है।
आधिकारिक खुलासे का इंतजार
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में हत्या की वजह, सुपारी देने वाले, शूटरों तक पहुंचने और वारदात के बाद उनके भागने की पूरी योजना से जुड़े कई अहम तथ्य और सुराग सामने आये हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि निखार सबलोक की हत्या के लिए इतनी बड़ी सुपारी की रकम का इंतजाम आखिर किसने किया। फिलहाल पुलिस ने हत्याकांड में गिरफ्तारियों, सुपारी की रकम और मुख्य साजिशकर्ता की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पुलिस की ओर से आधिकारिक खुलासा होने के बाद ही साजिश और आरोपियों की भूमिका की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। मालूम हो कि 24 अगस्त की दोपहर करीब तीन बजे सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना अंतर्गत कांडरबेड़ा स्थित होटल टेंथ माइल स्टोन से निकलते समय निखार सबलोक पर शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। हमलावरों ने बेहद नजदीक से निखार को निशाना बनाया। पोस्टमार्टम में उनके शरीर में एक दर्जन के करीब गोलियां लगने की बात सामने आयी थी। वारदात के बाद हमलावर हथियार लहराते हुए होटल से बाहर निकले और पहले से तैयार वाहन से फरार हो गये।