द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले में महिला सशक्तिकरण, आय और सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के नेतृत्व में नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) ने प्रदान संस्था और JSLPS के सहयोग से ‘एग कार्ट योजना’ की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्थायी आजीविका प्रदान करना और क्षेत्र में पोषण की कमी को दूर करना है। वितरण समारोह में उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महत्तो ने 25 महिला उद्यमियों को विशेष रूप से तैयार की गई एग कार्ट सौंपी। इस अवसर पर जिला पशुपालन पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह, डीपीएम JSLPS शैलेन्द्र जेरिका तथा प्रदान संस्था के जिला समन्वयक मेराज और अजय उपस्थित थे। इस योजना के तहत प्रत्येक एग कार्ट लगभग 1,00,000 रुपये की लागत में तैयार की गई है। यह एक “पहियों पर चलता व्यवसाय” है जिसमें कुकिंग किट (गैस चूल्हा, मिनी एलपीजी सिलेंडर, आवश्यक बर्तन), बुनियादी ढांचा (फोल्डेबल स्टूल, शाम के संचालन हेतु लाइटिंग) और स्वच्छता व्यवस्था (पानी भंडारण और सफाई उपकरण) शामिल हैं। महिला उद्यमी इन गाड़ियों के माध्यम से आमलेट, उबले अंडे और एग रोल जैसे व्यंजन बेचकर अपनी आय बढ़ा सकेंगी।
इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य झारखंड में प्रति व्यक्ति अंडे की खपत बढ़ाना और सार्वजनिक स्थानों पर प्रोटीन युक्त अंडों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। NECC का संदेश है: “संडे हो या मंडे, रोज़ खाओ अंडे।” गुमला में 25 एग कार्ट का वितरण केवल शुरुआत है। इस मॉडल को राज्य भर में 600 एग कार्ट तक विस्तारित किया जाएगा और दूसरे चरण में और भी महिला उद्यमियों को शामिल किया जाएगा, जिससे महिला नेतृत्व वाले फूड स्टॉल का एक मजबूत नेटवर्क बनेगा। यह पहल SHE (Self-Help Entrepreneur) Marts Mission के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य गुमला जिले में महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देना है।
