गढ़वा
गढ़वा जिले में मनरेगा योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है. आम बागवानी योजना के तहत किसानों की बल्ले-बल्ले है और बागानों में खूब आम निकल रहे हैं. जिला प्रशासन बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत खरीदार-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन कर फल उत्पादकों को बाजार से जोड़ने का प्रयास कर रहा है. जिला समाहरणालय के सभागार में मेज पर सजे आमों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी रही. यह आम मनरेगा योजना के तहत लगाए गए बागानों की उपज है, जिससे किसान काफी उत्साहित हैं. डीडीसी पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत “बायर-सेलर मीट” का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य फल उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और उत्पादों की बिक्री के लिए संस्थागत समन्वय को मजबूत करना था.
इस अवसर पर जिले के सभी प्रखंडों से फलोत्पाद आधारित बागवानी योजना के लाभुक, जेएसएलपीएस द्वारा प्रोत्साहित एफपीओ के प्रतिनिधि, पलाश समूह के सदस्य, प्रदान संस्था के कर्मी, सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, परियोजना पदाधिकारी एवं सहायक परियोजना पदाधिकारी उपस्थित रहे. किसानों ने कहा कि उन्हें अपने उत्पाद का और बेहतर मूल्य मिलना चाहिए, क्योंकि बाजार में आम की कीमत अधिक है, जबकि यहां अपेक्षाकृत कम दाम मिल रहा है.

उप विकास आयुक्त ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत तैयार हो रहे फल उत्पादों को उचित बाजार उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि लाभुकों की आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके. उन्होंने सभी लाभुकों को एफपीओ एवं जेएसएलपीएस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सामूहिक प्रयास से फल उत्पादों की बिक्री करने का निर्देश दिया. साथ ही संबंधित पदाधिकारियों एवं संस्थाओं को भी निर्देशित किया कि वे लाभुकों को विपणन, संग्रहण और खरीदारों से संपर्क स्थापित कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि किसानों एवं बागवानी लाभुकों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके.