जीतेंद्र कुमार
झारखंड के विधायकों और पूर्व विधायकों को कैशलेस इलाज की बेहतरीन सुविधा मिलेगी। विधायक और पूर्व विधायक जहां चाहे वहां इलाज करा सकेंगे। खर्च होनेवाली पूरी राशि का भुगतान राज्य सरकार करेगी। स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग इस आशय का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। प्रस्ताव में ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारियों और हाईकोर्ट के जजों व पूर्व जजों को भी यही सुविधा दिये जाने का प्रावधान किया जा रहा है। इनके लिए अस्पतालों का कोई पैनल नहीं होगा। देश में कहीं भी रजिस्टर्ड अस्पताल में ये कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इस तरह न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों और माननीयों को एक ही तरह की इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी।

विधायकों के मामले में फिलहाल क्या है प्रावधान
कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग ने 24 जनवरी 2025 को झारखंड कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना का संकल्प जारी किया था। इस संकल्प में राज्यकर्मियों के साथ साथ विधायकों को भी हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा दी गयी थी। राज्यकर्मियों की ही तरह यह शर्त थी कि वे भी प्रति माह 500 रुपए की राशि जमा करेंगे। फिर चिह्नित अस्पतालों में इलाज कराएंगे। लेकिन किसी भी विधायक ने न तो पांच सौ रुपए की राशि जमा की और ना ही अब तक किसी ने हेल्थ कार्ड ही बनवाया। उधर विधायकों ने विधानसभा में इलाज की सुविधा को लेकर लगातार प्रश्न करते रहे। विधायकों के प्रश्न के जवाब में स्वास्थ्य विभाग यही जवाब देता रहा कि मामला विचाराधीन है। जानकारी के अनुसार विधायकों के लगातार पड़ते दबाव के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अब उनके लिए कैशलेस इलाज की सुविधा का प्रावधान करने जा रहा है।

ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारियों व जजों के लिए क्या है सुविधा
ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारियों को, जिनमें आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी आते हैं, के लिए केंद्र सरकार नियमावली बना रखी है। इन्हें ऑल इंडिया सर्विस मेडिकल अटेंडेंस रुल 1954 के तहत मेडिकल फैसिलिटी की सुविधा प्रदान की जाती है। इसमें मुख्य रूप से रिंबर्समेंट का प्रावधान है। इस कैडर के अधिकारी इलाज कराने के बाद अपने प्रशासी विभाग से रिंबर्समेंट के तहत भुगतान प्राप्त करते हैं। अर्थात इलाज पर खर्च होनेवाली राशि को प्रशासी विभाग भुगतान करती है। हाईकोर्ट के जजों के लिए भी लगभग इसी तरह की सुविधा है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर जजों के लिए बेस्ट मेडिकल फैसिलिटी देने का निर्देश दिया है। इस आदेश के आलोक में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने बेस्ट मेडिकल फैसिलिटी का प्रावधान किया है। ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारियों को रिंबर्समेंट की सुविधा सीजीएस रेट पर मिलता है। जबकि कैशलेस मेडिकल फैसिलिटी में रेट की कोई बंधेज नहीं रह जाएगी।

राज्यकर्मियों के स्वास्थ्य बीमा योजना में संशोधन जल्द
इधर झारखंड कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना में बदलाव का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रस्ताव को अंतिम रुप दे दिया है। जल्द ही इस पर कैबिनेट की स्वीकृति ले ली जाएगी। नये प्रावधान में आयुष्मान योजना और मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत इंपैनल्ड अस्पतालों में राज्यकर्मियों का इलाज हो सकेगा। कैशलेस इलाज और पांच लाख रुपए तक एडवांस की भी मिलेगी सुविधा।
