रांची
राज्य सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा झारखंड पीड़ित प्रतिकर योजना 2016 के तहत अपराध से पीड़ित व्यक्तियों या उनके आश्रितों को मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत किसी भी प्रकार के अपराध से हुई हानि या क्षति पर न्यूनतम प्रतिकर राशि निर्धारित की गई है। यह योजना अपराध पीड़ितों के पुनर्वास और आर्थिक सहयोग को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। मुआवजा प्राप्त करने के लिए संबंधित पीड़ित या उसके आश्रित को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के समक्ष आवेदन करना होगा।

विभिन्न अपराधों पर निर्धारित न्यूनतम प्रतिकर राशि
• तेजाब हमले से घायल व्यक्ति को न्यूनतम 3 लाख रुपये
• बलात्कार के मामले में 3 लाख रुपये
• नाबालिग के शारीरिक शोषण पर 2 लाख रुपये
• मानव तस्करी से पीड़ित के पुनर्वास के लिए 1 लाख रुपये
• यौन प्रताड़ना (बलात्कार को छोड़कर) के लिए 50 हजार रुपये
• किसी भी अपराध में मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये
• स्थायी विकलांगता (80 प्रतिशत या अधिक) पर 2 लाख रुपये
• आंशिक विकलांगता (40 से 80 प्रतिशत) पर 1 लाख रुपये
• 25 प्रतिशत से अधिक जलने की स्थिति (तेजाब हमला छोड़कर) में 2 लाख रुपये
• भ्रूण हानि पर 50 हजार रुपये
• प्रजनन क्षमता की हानि पर 1.5 लाख रुपये
• सीमा पर दोतरफा फायरिंग से पीड़ित महिला की मृत्यु या 80 प्रतिशत से अधिक स्थायी विकलांगता पर 2 लाख रुपये
• 40 प्रतिशत या अधिक आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रुपये
• शरीर के किसी अंग की हानि से 40 प्रतिशत से कम विकलांगता होने पर 50 हजार रुपये
• बाल पीड़ित की साधारण क्षति पर 10 हजार रुपये
• अन्य किसी पीड़ित के पुनर्वास के लिए 50 हजार रुपये
मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया
मुआवजा राशि का निर्धारण पीड़ित को हुई क्षति, उपचार में हुए खर्च, अंत्येष्टि व्यय तथा पुनर्वास की आवश्यकता को ध्यान में रखकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा किया जाता है। योजना में यह भी प्रावधान है कि यदि पीड़ित की आयु 14 वर्ष से कम है तो निर्धारित प्रतिकर राशि में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की जा सकती है।
झारखंड पीड़ित प्रतिकर योजना 2016 के तहत मुआवजा प्राप्त करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के समक्ष विधिवत आवेदन किया जा सकता है।
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