कोडरमा
जयनगर थाना में हाजत के अंदर विजय यादव की संदिग्ध मौत के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अनुदीप सिंह ने तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी उमानाथ सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। उनकी जगह सर्किल इंस्पेक्टर सुजीत कुमार को प्रभार सौंपा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी मुख्यालय को जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस के अनुसार, हिरासत में मौत के हर मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी है। इसी के तहत मृतक का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराने की तैयारी की जा रही है और इसके लिए मजिस्ट्रेट की नियुक्ति भी की जा रही है।
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पत्नी ने लगाए मारपीट के आरोप
मृतक की पत्नी चमेली देवी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कटिया पुलिस पिकेट के कुछ जवानों ने उनके पति के साथ उनके सामने मारपीट की थी। विरोध करने पर उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। महिला ने तीन पुलिसकर्मियों पर सीधे तौर पर मारपीट का आरोप लगाया है।
महिला के मुताबिक, देर रात पुलिस उनके पति को जबरन थाना ले गई। सुबह उन्हें फोन कर थाना बुलाया गया। जब उन्होंने पति से बात की तो उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ काफी मारपीट की है। इसके कुछ ही देर बाद सूचना मिली कि उनकी मौत हो गई।
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परिजनों और ग्रामीणों का हंगामा
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने थाना परिसर में घंटों हंगामा किया और न्याय की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पूरे थाना क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि पुलिस की पिटाई से हुई मौत है। मृतक के भाई ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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सियासी बयानबाजी भी तेज
मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष महेश कुमार यादव ने इसे हत्या करार देते हुए कहा कि पुलिस सच्चाई छुपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए थाना अब डर का केंद्र बनता जा रहा है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
