द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा जिला इन दिनों अवैध बालू कारोबारियों और प्रशासन के बीच जंग का अखाड़ा बना हुआ है। जामताड़ा उपायुक्त रवि आनंद के कड़े निर्देश के बाद जिला टास्क फोर्स की टीम लगातार छापेमारी कर रही है, जिससे बालू माफियाओं में हड़कंप मचा है। पिछले तीन दिनों के भीतर नाला विधानसभा क्षेत्र में दो बड़ी कार्रवाइयां करते हुए प्रशासन ने हजारों सीएफटी अवैध बालू जब्त कर माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त किया है। सोमवार को माइनिंग इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार और नाला थाना प्रभारी राजीव कुमार के नेतृत्व में महेशमुंडा और रूनाकूड़ा घाट पर छापेमारी की गई। यहाँ बालू माफियाओं ने नदी से अवैध उठाव कर जंगल के भीतर लगभग 15,000 CFT बालू का विशाल भंडार छिपा रखा था। जप्त बालू की मात्रा इतनी अधिक थी कि उसे सुरक्षित थाना पहुँचाने के लिए तीन जेसीबी और दर्जनों हाईवा का सहारा लेना पड़ा।

सरकारी स्कूल के पास अवैध भंडारण का खुलासा
इससे पूर्व शनिवार को टास्क फोर्स ने बिन्दापाथर थाना क्षेत्र के तुम्बाबेला में छापेमारी की थी। यहाँ उत्क्रमित मध्य विद्यालय के समीप ही माफियाओं ने लगभग 9,000 CFT बालू जमा कर रखा था। प्रशासन ने इसे जब्त कर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। जिला प्रशासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि बिना लाइसेंस बालू का भंडारण करना 'खान एवं खनिज अधिनियम 1957' की धारा-4 और 'झारखंड मिनरल नियम 2017' के नियम-9 का उल्लंघन है। बावजूद इसके, माफिया शाम ढलते ही सक्रिय हो जाते हैं और बड़े-बड़े हाईवा के जरिए जामताड़ा की बालू बिहार, बंगाल और नेपाल जैसे राज्यों में तस्करी कर रहे हैं। जामताड़ा में करोड़ों का यह अवैध खेल अब टास्क फोर्स की रडार पर है। लगातार हो रही कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि प्रशासन अब इन माफियाओं को किसी भी सूरत में बख्शने के मूड में नहीं है।
