जामताड़ा:
जामताड़ा समेत मैथन और पंचेत डैम के निचले इलाकों में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) ने येलो फ्लड वार्निंग जारी की है। डैम के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश और जलस्तर बढ़ने के बीच डीवीसी ने प्रशासन और संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है।

50 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने पर चेतावनी
जारी संदेश के अनुसार, यदि मैथन और पंचेत डैम से संयुक्त रूप से 50,000 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की स्थिति बनती है, तो दोनों बांधों के डाउनस्ट्रीम (निचले) इलाकों में तैनात प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों को औपचारिक पीली बाढ़ चेतावनी जारी कर दी जाएगी।
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अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश
डीवीसी ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित सभी विभागों और अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी प्रणाली के नियमों के तहत, फ्लड वार्निंग जारी होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों तक इसकी सूचना अधिकतम 6 घंटे के भीतर पहुंचाना अनिवार्य होगा। यह पूरी प्रक्रिया डीवीसी के मानक ‘फ्लड वार्निंग मेमोरेंडम’ में तय प्रावधानों के तहत संचालित की जाएगी।
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अधिकारियों से मांगी गई संदेश की प्राप्ति पुष्टि
DVRRC के सदस्य सचिव संजीव कुमार ने सभी संबंधित प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों से इस आपातकालीन संदेश की प्राप्ति पुष्टि करने का अनुरोध किया है। इस चेतावनी की प्रतिलिपि डीवीसी के उच्च अधिकारियों के अलावा पश्चिम बंगाल के सिंचाई एवं जलमार्ग विभाग, झारखंड के जल संसाधन विभाग, केंद्रीय जल आयोग (CWC) तथा आसनसोल प्रशासन के वरीय अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई और समन्वय के लिए भेजी गई है।
इनफ्लो और आउटफ्लो पर प्रशासन की नजर
डीवीसी के इस अलर्ट के बाद से ही मैथन और पंचेत दोनों डैमों में पानी के आवक (इनफ्लो) और संभावित डिस्चार्ज (आउटफ्लो) पर जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन लगातार कड़ी नजर बनाए हुए हैं। निचले इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा सकती है।