द फॉलोअप डेस्क
झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैथन डैम में एक बड़ा नाव हादसा होते-होते टल गया। पर्यटकों से भरी एक नाव जलाशय में पानी के नीचे छिपी चट्टान से टकरा गई, जिससे नाव का निचला हिस्सा फट गया और उसमें तेजी से पानी भरने लगा। हादसे के समय नाव में बच्चों और महिलाओं समेत कुल 14 पर्यटक सवार थे। हालांकि स्थानीय नाविकों की तत्परता और बहादुरी के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जानकारी के अनुसार, पर्यटकों का एक दल मैथन जलाशय के नौका विहार घाट से सबूज द्वीप घूमने के लिए निकला था। गर्मी के कारण जलाशय का जलस्तर सामान्य से काफी नीचे है। जैसे ही नाव द्वीप के करीब पहुंची, वह पानी के नीचे मौजूद एक विशाल चट्टान से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नाव क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें तेजी से पानी भरने लगा, जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय नाविकों ने दिखाई बहादुरी
पर्यटकों की चीख-पुकार सुनकर बाबू घाट क्षेत्र में मौजूद अन्य नाविक तुरंत अपनी नावों के साथ घटनास्थल की ओर पहुंचे। नाविकों ने पहले घबराए यात्रियों को शांत कराया और उन्हें नाव में इधर-उधर भागने से रोका, ताकि नाव का संतुलन न बिगड़े। इसके बाद सभी 14 पर्यटकों को सावधानीपूर्वक दूसरी नावों में स्थानांतरित कर सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया गया। इस घटना के बाद मैथन डैम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नौका विहार के दौरान कई पर्यटक लाइफ जैकेट नहीं पहनते, जबकि इसे अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। इसके अलावा इतने बड़े पर्यटन केंद्र में स्थायी लाइफ गार्ड या रेस्क्यू टीम की व्यवस्था नहीं होना भी चिंता का विषय है।

सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग
स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने प्रशासन से मांग की है कि मैथन डैम में आपदा प्रबंधन दल और स्थायी लाइफ गार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही कम जलस्तर के दौरान खतरनाक जलमार्गों को चिह्नित कर वहां नौका संचालन पर रोक लगाने की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।